फिटनेस के लिए बॉडी स्ट्रक्चर व पुरानी हिस्ट्री से प्रोटोकॉल जानें, फिर कार्डियो को दें स्ट्राॅन्गनेस
सिटी भास्कर. जोधपुर| वेकेशन होने को है और ऐसे में ज्यादातर यूथ ने फिटनेस के लिए कई प्लान बनाना शुरू कर दिया है। कुछ मेंटल हैल्थ के लिए योगा क्लास ज्वाइन करेंगे तो कुछ बॉडी और मसल्स बनाने के लिए जिम का रुख कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर लोग जिम ज्वाइन करते समय अपनी बॉडी की जरूरत और समझे बिना ही पहुंच जाते हैं और अपनी सुविधा और जल्दी फेट बर्न करने के चक्कर में वे ऐसी एक्सरसाइज शुरू देते हैं जो उन्हें फायदे की बजाय नुकसान दे जाती हैं। गलत एक्सरसाइज की वजह से बिगड़े कई केस इन दिनों फिजियोथैरेपिस्ट के पास पहुंच रहे हैं। 360 रीहैब सेंटर के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. जितेंद्र का कहना है कि शहर में ज्यादातर जिम में एक्सपर्ट ट्रेनर नहीं है और यही कारण है कि शहरवासियों को जिमिंग का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। डॉ. जितेंद्र खुद भी फिटनेस गुरु हैं। वे जिम ज्वॉइन कराने से पहले वे आने वाला का बॉडी स्ट्रेक्चर, शरीर की पुरानी हिस्ट्री और उनकी बॉडी की जरूरत के अनुसार बताते हैं कि उन्हें जिम में क्या करना है। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं किया जाता तो फिटनेस के बजाय नी कैप, बैकबोन, लिगामाइन, ब्लड प्रेशर और नेक प्रॉब्लम बढ़ने से स्ट्रेस बढ़ सकता है।
Health Tip\\\'s
एक्सरसाइज से पहले कार्डियो की स्ट्रेंथ
बॉडी स्टूक्चर व पुरानी हिस्ट्री से प्रोटोकॉल
डॉ. जितेंद्र ने बताया, जिम ज्वॉइन करने के लिए जब कोई आता है तो मैं उनकी ऑर्थो और न्यूरो रिपोर्ट को एक्सपर्ट से डिस्कस किया जाता है। साथ ही उसकी बॉडी स्ट्रेक्चर के लचीलेपन को जाना जाता है। ज्वॉइंट, बैक बोन, नी कैप का प्रोटोकॉल व पुरानी हिस्ट्री को भी देखा जाता है। ऐसा नहीं करने पर स्पाइनल, नर्वस सिस्टम, बैक प्रॉब्लम के बढ़ने से गलत इफेक्ट हो सकते हैं और ऑपरेशन की नौबत भी आ सकती है।
फेट बर्न करने और सही फिटनेस के लिए अपने कार्डियो के मसल्स की स्ट्रेंथ को फिजियोथैरेपिस्ट से जानना जरूरी है। आज के समय में मूवमेंट तो बहुत बढ़ गया है, लेकिन उम्रदराज ही नहीं यूथ में भी मसल्स वीक की प्रॉब्लम आ रही है। इस कारण फेट को बढ़ने के लिए स्पेस मिल जाता है। किसी भी जिम में अपनी फिटनेस को परफेक्ट बनाने के लिए और बॉडी शेप के लिए कार्डियो के मूड को जानकर जॉगर, स्टेपरिंग, फ्लोर वर्क आउट और जंपिंग की जरूरत होती है।
फिटनेस से पहले प्रॉपर गाइड लाइन जरूरी
फिटनेस एक्सपर्ट संदीप खीची ने बताया कि आजकल यूथ चाहते हैं कि जल्दी से उनकी बॉडी से फेट बर्न हो जाए और सिक्स पैक बन जाएं, जबकि ऐसा नहीं होता। वे किसी भी एक्सरसाइज को धैर्य से नहीं कर रहे और जिम में मनमर्जी से मशीन चूज कर वर्कआउट शुरू कर देते हैं। मशीनों का चयन कम और स्ट्रेचिंग का प्रयोग अधिक से अधिक होना चाहिए। हर बॉडी के स्टेमिना, स्ट्रेंथ व लचीलेपन अलग होता है और इसी आधार पर वर्कआउट भी चुनना चाहिए।