पंजाबी म्यूजिक यूथ को कनेक्ट करता है जबकि मारवाड़ी स्टाइल संस्कारी टाइप की है: स्वरूप
फिल्म \\\"पीके\\\' में \\\"ठरकी छोकरो...\\\' और \\\"पदमावत\\\' में \\\"घूमर...\\\' जैसे कई हिट सांग्स के साथ सिंगर लेडी गागा के साथ \\\"जुडास\\\' एलबम में सिंगिंग कर चुके बाड़मेर के स्वरूप खान ने अब म्यूजिक डायरेक्टर बनने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। \\\"बावळो छोरो-नखराली छोरी...\\\' उनका पहला गाना होगा जिसे वे खुद कंपोज भी कर रहे हैं। मांगणियार समुदाय के स्वरूप ने मारवाड़ी फोक म्यूजिक को बॉलीवुड ही नहीं, इंटरनेशनल लेवल पर भी हिट किया है। उन्होंने कहा कि आजकल तो यू-ट्यूब, सोशल मीडिया वगैरह काफी प्लेटफॉर्म है जहां आप अपना टैलेंट दिखा सकते हैं लेकिन कुछ साल पहले ऐसा नहीं था। अगर रियलिटी शो नहीं होते तो शायद वे मुंबई नहीं पहुंच पाते और इतने गाने नहीं गा पाते। हालांकि अब टैलेंट दिखाने के लिए टीवी पर आना, रियलिटी शो में हिस्सा लेना जरूरी नहीं रहा। सिंगर खान रविवार को मुंबई जाने से पहले सिटी भास्कर ऑफिस में आए जहां उन्होंने प्रोजेक्ट और मारवाड़ी म्यूजिक के बारे में खुलकर बातें की...
\\\"ठरकी छोकरो...\\\' और \\\"घूमर..\\\" जैसे गीतों को आवाज देने वाले सिंगर स्वरूप खान रविवार को जोधपुर में थे। सिटी भास्कर ने उनसे बात की...
Q. बॉलीवुड में जो मारवाड़ी गीत जाता है, हिट हो जाता है, फिर भी राजस्थानी को ज्यादा पहचान क्यों नहीं मिल रही?
A. अगर हम पंजाबी म्यूजिक की बात करें तो उनका स्टाइल यूथ को कनेक्ट करता है जबकि मारवाड़ी स्टाइल कुछ संस्कारी टाइप की है। यहां लोग संस्कार को बहुत मानते हैं तो उतने लोगों तक ही वह पहुंच पाता है। हमें इस पर सोचना चाहिए और राजस्थानी सिंगर्स को रिस्क लेने की आदत डालनी पड़ेगी। मारवाड़ी म्यूजिक फिल्मों में भले ही नहीं हो, लेकिन फोक सिंगर्स लंगा-मांगणियार को इंटरनेशनल लेवल पर खूब प्यार मिलता है।
Q. आपका \\\"चांद निकला सांग\\\' हिट हो रहा है। इसके रिक्रिएशन का आइडिया कैसे आया?
A. यह गाना बचपन से ही मेरा फेवरेट था। मैंने इसमें पूरी मेहनत और एडिशनल लिरिक्स लिखे। इतनी ब्यूटीफुल कंपोजिशन हुई है फिर भी मुझे थोड़ा डर था कि मेरा रिक्रिएशन पसंद आएगा या नहीं।
Q. फिल्म \\\"पदमावत\\\' में \\\"घूमर...\\\' पर खूब विवाद हुआ था। आप इसे कैसे देखते हैं?
A. मैंने राजस्थानी शान के लिए गाया। राजस्थानी कल्चर हमेशा पवित्र रहेगा। किसी के छेड़ने से या किसी के कहने से इतिहास नहीं बदलेगा कहीं से भी। मेरा फर्ज बनता है कि अपने राजस्थान को हर इंसान के सामने प्रेजेंट करूं। जो बवाल हुआ, वह बैठ कर यह हल किया जा सकता है। लिरिक्स वाइज देखो तो बहुत प्यारे लिरिक्स हैं। उसमें कोई किसी का बुरा नहीं।
Q. अब तो नए राजस्थानी सिंगर्स भी अपनी भाषा में रैप बना रहे हैं। आप इसे कैसे देखते हैं?
A. रैप आज के यूथ को जल्दी अट्रेक्ट करता है, हिट भी। यदि अपनी कोई चीज लोगों तक पहुंचानी है तो उन्हें पसंद आने वाले अच्छे यूनिक आइडियाज पर काम करना पड़ेगा। रिक्वायरमेंट के हिसाब से डाल सकते हैं लेकिन इससे किसी को तकलीफ ना हो। अच्छे शब्द हों, जिन्हें लोग एंजॉय करें।
Q. सिंगिंग में करिअर बनाने वालों को क्या मैसेज देंगे?
A. आप मारवाड़ी में गाएं, सूफी या फोक सिंगिंग करें, बस अपने आगे कोई टैग मत लगाइए। जो भी करें, खुद का यूनिक करें ताकि लोग आपको पहचानें और जल्दी मौका दें। कॉपी की तो आगे आने में बहुत टाइम लगेगा। आज तो यू-ट्यूब का कल्चर बहुत अच्छा है। इसके जरिए कोई भी अपना टैलेंट दुनिया के सामने रख सकता है।