काउंसलिंग के बाद छात्रों को बनाने को मिलेंगे सिचुएशन बेस्ड प्रोजेक्ट
सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय में स्टूडेंट्स को समर वेकेशन में होम असाइनमेंट दिए जाएंगे। इन असाइनमेंट की रिपोर्ट सब्जेक्ट टीचर को जुलाई में सबमिट करना होगी। ज्यादातर स्टूडेंट्स को इस बार सिचुएशन और प्रैक्टिकल बेस्ड असाइनमेंट मिलेंगे। इससे पहले स्टूडेंट्स की काउंसलिंग की जाएगी। काउंसलर्स जानेंगे कि बच्चे में किस स्किल की कमी है। इसके बाद असाइनमेंट दिए जाएंगे। हर बच्चे के हिसाब से उनके निगेटिव और पॉजिटिव आस्पेक्ट्स को एक ब्लैंक शीट पर भरा जाएगा। फिर उनमें तुलना की जाएगी कि बच्चों में सुधार के लिए किस तरह के सिचुएशन बेस्ड असाइनमेंट उन्हें दिए जाएं। जिससे उनमें दो महीनों में स्किल्स को डेवलप किया जा सके।
कुछ इस तरह डिजाइन होंगे असाइनमेंट
असाइनमेंट में सिचुएशन क्रिएट की जाएंगी। जैसे कोई व्यक्ति हॉस्पिटल में एडमिट है, वहां कोई समस्या है। ऐसे में पेशेंट की मदद कैसे की जा सकती है। वहीं यदि किसी इंडस्ट्री में प्रोडक्शन कम हो रहा है तो उस इंडस्ट्री की बेहतरी के लिए क्या किया जाए? उसकी मार्केटिंग स्ट्रेटजी क्या होनी चाहिए? स्टूडेंट्स को ऐसी सिचुएशन की केस स्टडी करनी होगी और उसमें अपने सुझाव भी देने होंगे।
सीबीएसई ने समर वेकेशन में बच्चों की स्किल डेवलप करने उठाया कदम