6 साल के बच्चे का भी बढ़ा सकते हैं आईक्यू: परतानी
सिटी भास्कर | जोधपुर
कॉर्पोरेट ट्रेनर रमेश परतानी का कहना है कि मनुष्य के ब्रेन और फिंगरप्रिंट के डाटा की रिपोर्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि वह किस फील्ड में टैलेंटेड है। वे द शांति निकेतन स्कूल में मास्टर्स-2018 के टॉक शो में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि लेफ्ट ब्रेन राइट हैंड के 5 फिंगर्स से और राइट ब्रेन लेफ्ट हैंड के 5 फिंगर्स से कनेक्ट रहता है और जिस साइड के ब्रेन के जिस हिस्से में न्यूरॉन्स अधिक हैं उससे कनेक्टेड फिंगर में फिंगरप्रिंट भी अधिक होंगे। ब्रेन के जिस हिस्से में जितने अधिक न्यूरॉन्स होते हैं, वह उतना ही एक्टिव होता है। इस डेटा की रिपोर्ट से टैलेंट का पता लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा, 50 परसेंट लोग इसलिए असफल होते हैं क्योंकि उनका टैलेंट कुछ और होता है और वह काम कुछ और कर रहे होते हैं। परतानी ने बताया कि पहले 6 वर्षों में 90% ब्रेन डेवलप हो जाता है इसलिए पैरेंट्स अगर चाहें तो इस आयु में अपने बच्चे का आईक्यू बढ़ा सकते हैं। परतानी ने टॉक शो में उपस्थित माहेश्वरी समाज के पैरेंट्स से कहा कि वे 6 साल तक की आयु में बच्चों को कहानियां सुनाएं, नई भाषाएं सिखाएं, ज्यादा से ज्यादा खेलने, चलने और भागने के लिए कहें। उन्होंने यह भी कहा कि इंडियन कल्चर का सोलह संस्कार का मॉडल एक बच्चे को जीनियस बनाने के लिए बहुत जरूरी है।
विशेषज्ञ बोले- ब्रेन-फिंगरप्रिंट डाटा रिपोर्ट से व्यक्ति के टैलेंट का पता लग सकता है
कार्यक्रम में एक्सपर्ट परतानी ने पैरेंट्स को बच्चों के दिमागी कौशल से संबंधित कई जानकारियां दीं।
सिटी भास्कर | जोधपुर
कॉर्पोरेट ट्रेनर रमेश परतानी का कहना है कि मनुष्य के ब्रेन और फिंगरप्रिंट के डाटा की रिपोर्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि वह किस फील्ड में टैलेंटेड है। वे द शांति निकेतन स्कूल में मास्टर्स-2018 के टॉक शो में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि लेफ्ट ब्रेन राइट हैंड के 5 फिंगर्स से और राइट ब्रेन लेफ्ट हैंड के 5 फिंगर्स से कनेक्ट रहता है और जिस साइड के ब्रेन के जिस हिस्से में न्यूरॉन्स अधिक हैं उससे कनेक्टेड फिंगर में फिंगरप्रिंट भी अधिक होंगे। ब्रेन के जिस हिस्से में जितने अधिक न्यूरॉन्स होते हैं, वह उतना ही एक्टिव होता है। इस डेटा की रिपोर्ट से टैलेंट का पता लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा, 50 परसेंट लोग इसलिए असफल होते हैं क्योंकि उनका टैलेंट कुछ और होता है और वह काम कुछ और कर रहे होते हैं। परतानी ने बताया कि पहले 6 वर्षों में 90% ब्रेन डेवलप हो जाता है इसलिए पैरेंट्स अगर चाहें तो इस आयु में अपने बच्चे का आईक्यू बढ़ा सकते हैं। परतानी ने टॉक शो में उपस्थित माहेश्वरी समाज के पैरेंट्स से कहा कि वे 6 साल तक की आयु में बच्चों को कहानियां सुनाएं, नई भाषाएं सिखाएं, ज्यादा से ज्यादा खेलने, चलने और भागने के लिए कहें। उन्होंने यह भी कहा कि इंडियन कल्चर का सोलह संस्कार का मॉडल एक बच्चे को जीनियस बनाने के लिए बहुत जरूरी है।
चैस में दिमागी कौशल और फुटबॉल में दिखा दमखम
माहेश्वरी समाज के क्लब मास्टर्स द्वारा शनिवार और रविवार को गेम्स कॉम्पीटिशन का आयोजन भी किया गया। इसमें क्लब के आठ हाउसेस ने पार्टिसिपेट किया। शनिवार को हुए चैस के मुकाबलों में सनसिटी मास्टर क्लब फर्स्ट और सोनी पोलो सेकंड रहे। रविवार को बैडमिंटन, कैरम व फुटबाॅल के फाइनल मैच खेले गए। बैडमिंटन में जैटेक्स राज मास्टर्स फर्स्ट रहे, जबकि सनसिटी मास्टर्स ने दूसरा स्थान अर्जित किया।