आज से 14 जून तक पुरुषोत्तम मास, मांगलिक कार्यों पर विराम, धार्मिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम
साधक साधना-आराधना में रहेंगे व्यस्त, कथा आयोजन होंगे, 24 से शुरू होगी भौगिशेल परिक्रमा
कम्युनिटी रिपोर्टर. जोधपुर| बुधवार से पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) शुरू होगा। यह 14 जून तक रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। वहीं साधक अपना समय साधना-आराधना में बिताएंगे। इस दौरान कथा आयोजनों की धूम रहेगी। श्रद्धालु दान-पुण्य भी करेंगे। इसी माह 24 मई से भौगिशेल परिक्रमा भी शुरू होंगी। सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास की बड़ी महिमा है। शास्त्रों के अनुसार इस मास में सूर्य संक्रांति नहीं होने से मांगलिक कार्य निषेध होने के कारण मंदिरों एवं धार्मिक स्थानों के साथ घरों में धार्मिक क्रिया कलापों की बहुतायत रहेगी। श्रद्धालु धार्मिक स्थलों पर होने वाली कथाओं के आयोजन के साथ इस ज्येष्ठ मास में दान कर पुण्य अर्जित करेंगे। शास्त्रों में इस माह में दान को श्रेष्ठ और फलकारी माना गया है।
भीतरी शहर के ठाकुरजी के मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होंगे
इसी मास में विशेषकर ठाकुरजी के मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होंगे। महिलाएं अधिक मास में कथा श्रवण में व्यस्त रहेंगी। पुरुष भी कथा आयोजनों में शरीक होने के साथ ही दान-पुण्य करेंगे। खाद्य सामग्री, फलाहार और शीतल वस्तुएं भेंट की जाएंगी।
संवित साधनायन में होंगे संकीर्तन
ब्रह्मलीन परमहंस स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज द्वारा स्थापित संवित साधनायन में बुधवार से 14 जून तक संकीर्तन होंगे। इस अवधि में वैदिक शांति मंत्र पाठ, पूजा-अर्चना, भगवद्गीता व विष्णु सहस्रनाम पाठ होंगे। भगवान विष्णु की मालपुओं से अर्चना होगी। प्रतिदिन शाम 7:30 से 9 बजे तक सत्संग होगा। 13 जून को हवन किया जाएगा।
मैं पुरुषों में उत्तम...आज से तुम पुरुषोत्तम मास के नाम से जाने जाओगे
शास्त्रों में ऐसा वृतांत आता है, कि इस मास में सूर्य संक्रांति नहीं होने के कारण अधिक मास ने भगवान विष्णु के सामने अपना दुख प्रकट किया। विष्णु ने कहा, कि यह श्रीकृष्ण की आराधना का समय है, श्रीकृष्ण पुरुषों में उत्तम है...इसलिए आज से तुम पुरुषोत्तम मास से जाने जाओगे। इसी वृतांत के उल्लेख के कारण ही इस मास में दान-पुण्य, कथा श्रवण, जप-तप का महत्व है।