शनि जयंती| मंदिरों में हुए रामायण मनका व सुंदर कांड पाठ, अभिषेक, भोग व आरती में उमड़े श्रद्धालु
कम्युनिटी रिपोर्टर . जोधपुर | शनि देव की जयंती मंगलवार को परंपरा अनुसार मनाई गई। शनि व अन्य मंदिरों में सुबह से तेलाभिषेक, भाेग, आरती, रामायण मनका, सुंदरकांड पाठ सहित अनेक अनुष्ठान हुए। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
प्रमुख मंदिरों में सुबह से देर रात तक रही रौनक
शनिश्चरजी का थान : 1008 शनि पाठ किए
सुबह साढ़े छह बजे आरती हुई। बाद में अभिषेक, भोग, आरती व भजन संध्या आयोजन हुए। आरती के साथ ही 1008 शनि पाठ किए गए।
प्रतापनगर शनि धाम : 23 हजार मंत्रों का जाप
मंदिर में 23 हजार शनि मंत्रों का जाप किया गया। सुबह 9:15 बजे ध्वजारोहण किया गया। संकल्प पूजा की गई। 10 बजे गंगाजल और गुलाबजल के साथ तेल से अभिषेक व शृंगार किया गया। पंडित दामोदर व शैलेंद्र शर्मा चक्रधारी के सान्निध्य में हवन हुआ। शनि मुद्रिकाएं निशुल्क बांटी गई। इस दौरान महाआरती व सुंदरकांड पाठ हुए। कार्यक्रम में मुख्य यजमान बालूराम डाबी, टीकमदास चौहान, टीकमदास सांखला, पार्षद सीमा आसेरी आदि मौजूद थे। इसी तरह रामसागर अशोक कॉलोनी स्थित प्यारी बाई शनि मंदिर में अनेक अनुष्ठान हुए। शाम को भजनों का कार्यक्रम हुआ। छोटू बन्ना ने कई भजन सुनाए।
चांदपोल स्थित मिनका नाडी : कालसर्प योग दोष निवारण
भानु कुमार दवे ने बताया कि चांदपोल के बाहर भूतेश्वर वन खंड में स्थित मिनका नाडी पर श्री श्रीविद्या अनुष्ठान केंद्र के तत्वावधान में कालसर्प योग दोष निवारण के लिए पं. अशोक श्रीमाली ने पूजन करवाया गया।
जूना खेड़ापति बालाजी मंदिर : सरिता ने समां बांधा
परिसर स्थित शनि मंदिर में सुबह 11 बजे तेलाभिषेक हुआ। बाद में आरती की गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष कमलेश पुरोहित के अनुसार शाम 7:30 बजे रामायण मनका पाठ, सुंदरकांड पाठ हुए। इसमें गायक कलाकार सरिता जोशी ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांधा। कार्यक्रमों में महापौर घनश्याम ओझा सहित कई लोगों ने पूजन किया।
शास्त्री नगर शनि धाम मंदिर : शनि सहस्रनाम में उमड़े भक्त
पंडित हेमंत बोहरा ने बताया, कि दोपहर 12 बजे शनि जन्म की आरती की गई। दोपहर 1:30 बजे तेलाभिषेक व शनि सहस्रनाम का पाठ किया गया। शाम को भजन संध्या हुई।