बेटा नहीं होने पर विवाहिता को जलाकर मारने के आरोपियों की 25 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं
शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड इलाके की एक महिला को जैसलमेर के फलसूंड में भीखोड़ाई निवासी ससुराल वालों द्वारा बेटा नहीं होने पर गत 19 अप्रैल को जला देने और बाद में महात्मा गांधी अस्पताल में उसकी मौत के मामले में दहेज हत्या के आरोपियों को 25 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। इससे आक्रोशित पिता ने आईजी (जोधपुर रेंज) हवासिंह घुमरिया को ज्ञापन सौंप रसूखदार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। कन्हैयालाल शर्मा की ओर से आईजी को दिए ज्ञापन के अनुसार 9 जुलाई 2006 को उनकी बेटी देवयानी उर्फ रश्मि की शादी जैसलमेर के भीखोड़ाई निवासी गोपालकृष्ण पुत्र लच्छीराम राणेजा के साथ की थी। इसके बाद से ही ससुराल वाले रश्मि को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। साथ ही रश्मि के तीन बेटियां हुईं, लेकिन बेटा नहीं होने पर सास रुखमो देवी, ससुर लच्छीराम व पति गोपालकृष्ण उसे प्रताड़ित करने लगे। यह बात उसने अपने पीहर में मां को भी बताई, लेकिन हर बार परिवार वालों ने उसके सास-ससुर व पति से समझाइश कर ऐसा नहीं करने का आग्रह किया, लेकिन उनके व्यवहार में कमी नहीं आई। इसी बीच 19 अप्रैल की अलसुबह करीब तीन बजे रश्मि के जेठ राधेश्याम ने फोन कर कन्हैयालाल को तत्काल एमजीएच पहुंचने को कहा। बदहवास पिता हॉस्पिटल पहुंचे तो पता चला कि रश्मि जल गई है। पिता ने इस बारे में बेटी से पूछा तो वह इतना ही बता पाई कि उसे पति ने सास-ससुर के साथ मिलकर जलाया है। डॉक्टर के अनुसार 90 प्रतिशत से ज्यादा जली अवस्था में थी। इसके चलते अगले ही दिन रश्मि की मौत हो गई। इसके बाद उसके पिता ने बेटी के शव का अंतिम संस्कार किया और 20 अप्रैल को ही आरोपी ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया। इस प्रकरण में पुलिस ने तीन नामजद आरोपी होने के बावजूद सिर्फ आरोपी पति गोपाल कृष्ण को ही गिरफ्तार किया है। अन्य को राजनीतिक प्रभाव के चलते पुलिस जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही है। ऐसे में इस प्रकरण की जांच अन्य अधिकारी से कराने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
जोधपुर निवासी परिवार की बेटी की साढ़े ग्यारह साल पहले हुई थी जैसलमेर में शादी, पिता ने आईजी से की न्याय की गुहार