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हाईकोर्ट में दो अहम सुनवाई: िक्रकेटर को राहत, आईएएस की अग्रिम बेल पर फैसला सुरक्षित

3 वर्ष पहले
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लीगल रिपोर्टर. जोधपुर| क्रिकेटर हार्दिक पांड्या के खिलाफ लूणी थाने में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विरुद्ध ट्विटर पर आपत्तिजनक लिखने के आरोप में दर्ज एफआईआर में हाईकोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस विजय विश्नोई ने याचिका विचारार्थ स्वीकार कर राज्य सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर तलब किया है। अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई। अगली सुनवाई 21 मई को होगी। पांड्या के अधिवक्ता एमएस राजपुरोहित ने विविध आपराधिक याचिका दायर कर लूणी थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी। अधिवक्ता ने बताया, कि याचिकाकर्ता के खिलाफ डॉ. अंबेडकर के विरुद्ध ट्विटर पर अपशब्द लिखने के आरोप में शिकायतकर्ता डीआर मेघवाल ने इस्तगासे के जरिए लूणी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। शिकायतकर्ता का कहना था, कि इससे एससी व एसटी समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ता ने जिस ट्विटर अकाउंट का एफआईआर में हवाला दिया है, वह फेक अकाउंट है, जिसे याचिकाकर्ता हैंडल नहीं करता। इसलिए एफआईआर दर्ज का सवाल ही नहीं उठता है।

निर्मला मीणा की अग्रिम जमानत पर एसीबी व याचिकाकर्ता की बहस पूरी
लीगल रिपोर्टर. जोधपुर| निलंबित आईएएस अफसर निर्मला मीणा की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को एसीबी और याचिकाकर्ता दोनों की बहस पूरी हो गई। जस्टिस विजय विश्नोई ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। एसीबी की ओर से एएजी राजेश पंवार ने बहस करते हुए कोर्ट को बताया, कि 35 हजार क्विंटल गेहूं पुन: आवंटित नहीं कराया जा सकता है। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एमएस सिंघवी ने कहा, कि पहले भी पुन: आवंटन हो रखा है और इस संबंध कोर्ट के समक्ष दस्तावेज भी पेश किए। इस पर एएजी ने कहा, कि गेहूं के पुन: आवंटन का कोई प्रोसिजर नहीं है। कभी-कभार कमी होने की वजह से पुन: आवंटन कर दिया गया हो। उन्होंने यह भी कहा, कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रही है। याचिकाकर्ता से कस्टोडियल इंट्रोगेशन की जरूरत है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कहा, कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। जब-जब बुलाया जा रहा है, तब-तब उपस्थित भी हो रही है। कस्टोडियल इंट्रोगेशन की कोई जरूरत नहीं है। दोनों पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

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