शोभायात्रा में गूंजे सैन महाराज के जैकारे
सैन समाज के आराध्य संत शिरोमणि सैन महाराज का 718 वें जन्मोत्सव पर शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में सैन बंधुओं ने भागीदारी निभाई। सैन जयंती महोत्सव समिति की अध्यक्ष सुमित्रा भाटी व प्रमुख संयोजक सुमन सैन ने बताया, कि सुबह गुलाबसागर स्थित सैन मंदिर में हवन हुआ, जिसमें 11 जोड़ों ने सप|ीक आहुतियां देकर सैन समाज की एकता व उन्नति की कामना की। दोपहर 3:15 बजे सैन मंदिर गुलाबसागर से शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इस दौरान सैनाचार्य स्वामी अचलानंद गिरि महाराज ने रथ की विशेष पूजा-अर्चना की। शोभायात्रा को विधायक कैलाश भंसाली, श्री रामनवमी महोत्सव समिति के अध्यक्ष नेमीचंद परिहार व कांग्रेस नेता राजेंद्र सोलंकी ने भगवा ध्वजा दिखा रवाना किया।
शोभायात्रा घंटाघर, नई सड़क, रेलवे स्टेशन, एमजीएच रोड, जालोरी गेट, पुष्टिकर स्कूल, आडा बाजार, सिटी पुलिस, माणक चौक होते हुए पुन: सैन मंदिर गुलाबसागर पहुंच विसर्जित हुई। शोभायात्रा में 75 झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, वहीं डीजे की धुन पर नाचते-गाते युवा व एक जैसी वेशभूषा में सिर पर साफा धारण किए मातृ शक्ति का जगह-जगह पुष्पवर्षा व अल्पाहार से स्वागत किया गया। मार्ग में विश्व हिंदू परिषद, गांछा समाज, ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ सहित दो दर्जन से अधिक संस्थाओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
मातृ शक्ति ने संभाली संपूर्ण जिम्मेदारी
सैन जयंती महोत्सव की जिम्मेदारी इस बार मातृ शक्ति को सौंपी गई थी। आयोजन समिति में सभी पदाधिकारी महिलाएं ही थी। सफल आयोजन में प्रभावती सोलीवाल, कमला चौहान, ऊषा पंवार, विजयलक्ष्मी परिहार, कुसुम सैन, अरुणा पंवार, भगवती पंवार, विष्णु, किरण चौहान, सोनू सैन, किरण सोलंकी, गुलाब सोलंकी, संतोष मारोठिया, स्वाति परिहार, शारदा भाटी, संगीता बणभेरु, रेखा बागड़ी, किरण, चंद्रकांता, सीमा, नर्बदा आर्य, सुधा टाक, आदि ने संपूर्ण व्यवस्था को अंजाम दिया।
इन्होंने निभाई भागीदारी
शोभायात्रा में झोंपड़ी वाले बालाजी मंदिर के उपासक शंकरलाल पंवार, मदनलाल भाटी, धर्मीचंद सोलीवाल, जगदीश भाटी, मोहनलाल धांधल, पार्षद हीरालाल सैन, भाजयुमो उपाध्यक्ष ओमप्रकाश पंवार, रामचंद्र रजलीवाल, ओमप्रकाश पड़ासला, लूणाराम भाटी, पन्नालाल भाटी, प्रताप सैन, रामदेव सैन, गोपाल सैन, भोमराज सेतरावा, ओमप्रकाश सैन, चेतन बणभेरु, सुरेश भाटी, गणपत सोलंकी, ओमप्रकाश पंवार, कुसुम सैन, मदन सोलीवाल, भरत दैय्या, शिवकुमार भाटी, श्रवण नारवा, नंदकिशोर हल्दानी, कैलाश सैन, कैलाश बणभेरु आदि लोग मौजूद थे।