एमडीएमएच: 3 माह में किडनी ट्रांसप्लांट होंगे शुरू, जयपुर से फैकल्टी मदद के लिए आएगी
चिकित्सा शिक्षा के (ग्रुप-1) प्रमुख सचिव आनंद कुमार ने कहा कि डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के मथुरादास माथुर अस्पताल में तीन माह में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू कर देंगे। भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया, कि जयपुर में ट्रांसप्लांट का काम हो रहा है। जल्द ही जोधपुर में भी काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्षों को काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में आयुर्वेद के किसी मामले में कोर्ट में सुनवाई के लिए चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव और एडिशनल डायरेक्टर (प्रशासन) बचनेश कुमार अग्रवाल जोधपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने बताया, कि यदि आवश्यकता पड़ी तो जयपुर की फैकल्टी को कुछ दिन के लिए यहां मदद के लिए नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया, कि विभागाध्यक्ष को रीनल ट्रांसप्लांट के लिए यदि ट्रेनिंग की आवश्यकता है तो जयपुर में दी जाएगी।
मरीजों के साथ पीजी और इंटर्न की पढ़ाई पर जोर दें
प्रमुख सचिव और एडिशनल डायरेक्टर दोनों ही मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली। इसमें अस्पतालों में मरीजों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के साथ ही पीजी और इंटर्न करने मेडिकल कॉलेज में आ रहे स्टूडेंट्स को अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, कि मेडिकल कॉलेजों में पीजी और इंटर्न की पढ़ाई का हाल बहुत ही बुरा है।
डॉक्टरों को कॉकलियर इंप्लांट की ट्रेनिंग कराएं
चिकित्सा शिक्षा प्रमुख सचिव आनंद कुमार ने बैठक में ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सोलंकी से पूछा कि आपके यहां कितने कॉकलियर इंप्लांट करने के लिए विशेषज्ञ हैं? इस पर उन्होंने बताया, कि पांच में से केवल दो डॉक्टर ही यह काम करते हैं। प्रमुख सचिव ने कहा, कि अन्य तीन को भी ट्रेंनिग कराएं, ताकि अन्य डॉक्टर छुट्टी पर हो तो काम प्रभावित न हों।