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मेडिकल कॉलेज में 21 में से 11 विभागों में फैकल्टी की कमी, फिर भी सौ सीटें बढ़ाने को मिल जाएगी मान्यता

3 वर्ष पहले
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डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के 250 सीटों वाले पांचवें बैच को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने मान्यता देने से इनकार कर दिया है। वहीं 150 से 250 सीटें करने पर एमसीआई ने भले ही आपत्ति जताई है, लेकिन मेडिकल कॉलेज को अंत में ये 100 सीटें बढ़ाने की मान्यता मिल ही जाएगी। कारण कि चार साल से हर बार एमसीआई की ओर से कुछ न कुछ आपत्ति जताई जाती है, उसके बाद या तो दूसरे मेडिकल कॉलेज से स्टाफ को यहां नियुक्त कर दिया जाता है और फिर निरीक्षण किया जाता है और जिसमें यदि कमी रहती भी है तो कॉलेज और सरकार की ओर से अंडरटेकिंग देने के बाद सीटों में वृद्धि हो ही जाती है। इधर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय मालवीय का कहना है कि यह अंतिम निरीक्षण है, इससे पहले गत फरवरी में हुए स्टैंडर्ड ऑफ एग्जाम में हम पास हुए हैं। हमारी ओर से एक माह में सारी कमियां पूरी कर ली जाएगी। क्योंकि इसके बाद अगले पांच साल तक एमसीआई की ओर से कोई निरीक्षण नहीं होगा। जहां तक स्टाफ की कमी की बात है तो कुछ ने जॉइन कर लिया है और बाकी स्टाफ की कमी सरकार पूरा करेगी।

21 में से 11 विभागों में फैकल्टी की कमी बताई

इसके चलते एमबीबीएस के लिए जरूरी विभागों में 15.45 प्रतिशत फैकल्टी की कमी एमसीआई की ओर से बताई गई है।

विभाग प्रोफेसर एसोसिएट असिस्टेंट सीनियर

प्रोफेसर प्रोफेसर डिमोस्ट्रेटर

एनाटोमी - 1 3 -

फिजियोलॉजी - 1 - 1

बायो केमिस्ट्री 1 1 1 -

फोरेंसिक मेडिसिन - 1 1 -

टीबी एंड चेस्ट - 1 1 -

ऑफ्थेलमोलॉजी - 2 - -

रेडियो डायग्नोसिस - 1 1 -

जनरल सर्जरी - 2 3 -

आर्थोपेडिक - 2 5 -

डेंटल 1 - - -

पीएसएम- 3 अ. प्रो., 1 एपिडिमालॉजी के लेक्चरर, 1 टेक्रिशियन लेक्चर

ये कमियां भी बताईं

बायो केमिस्ट्री में नॉन मेडिकल फैकल्टी 50 प्रतिशत से अधिक है, जो एमसीआई के नियम के विरुद्ध है।

वार्डों में वार्ड पेंट्री उपलब्ध नहीं है।

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में 6 एक्सरे मशीन होनी चाहिए, लेकिन केवल 2 ही है।

सेंट्रल लाइब्रेरी में स्टाफ फैकल्टी के लिए रीडिंग रूम तक नहीं।

माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में 7 सर्विस लेबोरेट्री की आवश्यकता लेकिन हैं 4 सर्विस लेबोरेट्री ही।

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की ओर से संचालित भदवासिया में अरबन हेल्थ सेंटर पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी है।

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