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एनएलयू : अयोग्य पीएस और स्टेनो को 13 साल रखने, बाद में स्नातक करने को 2 साल देने का मामला

3 वर्ष पहले
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दो कर्मचारियों को वर्ष 2002 और 2004 में 12वीं पास होने पर भी नियुक्ति दे दी गई, जबकि नियमानुसार ग्रेजुएशन जरूरी थी। एनएलयू की कृपा से स्टेनो अरुणसिंह गौड़ व वीसी के पीएस सुजेश पिल्लई दोनों ने वर्ष 2015 तक आराम से नौकरी की। आपत्तियां व शिकायतें मिलने पर वर्ष 2015 में कुलपति प्रो. पूनम सक्सेना ने दोनों को योग्य होने के लिए दो वर्ष का समय दिया। इस बात को भी पूरे तीन साल बीत गए। दोनों ने ग्रेजुएशन की डिग्री देने की बजाय अब कुलपति को पत्र भेजकर योग्य होने के लिए 96 माह यानी 8 साल का समय मांगा है। इनका कहना है कि किसी भी विश्वविद्यालय से 24 माह में ग्रेजुएशन नहीं हो सकती। विश्वविद्यालय में कार्य करने के साथ वे दूरस्थ शिक्षा से ग्रेजुएशन कर सकते हैं। इसके लिए कम से कम 36 माह लगते हैं तथा अधिकतम 96 माह का समय दिया जाता है। उन्होंने इसी आधार पर ग्रेजुएशन के लिए 8 वर्ष का समय मांगा है। इस मामले को हाल ही में एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में रखा गया। इस संबंध में एनएलयू ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

4 मई 2015

दोनों कर्मचारियों ने जॉब में 3 साल और बिताए, अब ग्रेजुएशन के लिए मांग रहे 8 साल का अितरिक्त वक्त

अरुण सिंह गौड़: जिस पोस्ट पर लिया उसका कोर्स तक नहीं किया था

वर्ष 2004 में यूनिवर्सिटी में स्टेनो के पद पर लगाया गया। उस समय क्वालिफिकेशन 12वीं थी। स्टेनो का भी कोर्स भी नहीं किया। पांच हजार रुपए फिक्स पेमेंट पर रखा गया था। जुलाई 2006 में उन्हें 4000-100-6000 रुपए की पे-स्केल दे दी गई। इसके बाद अक्टूबर 2012 में पीएस ग्रेड के साथ 9300-34800-4200 की पे-स्केल दे दी गई।

सुजेश पिल्लई : अयोग्य होने के बावजूद वीसी का पीएस बनाया

2002 में कुलपति के निजी सचिव पद पर नियुक्ति दी। शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण थी। स्टेनो का सर्टिफिकेट था, लेकिन ग्रेजुएट नहीं होने की चलते अयोग्य थे। 5500 रु. मंथली फिक्स पेमेंट पर रखा था। जुलाई 2003 में कॉन्ट्रेक्ट पर 4000-100-6000 रुपए की पे-स्केल दी गई। जुलाई 2012 में पीएस ग्रेड के साथ 9300-34800-4600 ग्रेड-पे दे दी।

फर्जी डिग्री के बावजूद कार्रवाई नहीं

तीन वर्ष पूर्व जब यूनिवर्सिटी ने ग्रेजुएशन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी तो अरुणसिंह गौड़ ने कुछ समय बाद अपनी फेसबुक वॉल पर जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री डाल कर लिख दिया था ‘पप्पू पास हो गया’। हालांकि उन्होंने डिग्री एनएलयू में जमा नहीं करवाई। जेएनयू की फर्जी डिग्री प्रकरण से जुड़ी सूची में उनका नाम भी है। इसके बावजूद एनएलयू ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

और जिम्मेदार ने कहा-नियमानुसार कार्रवाई होगी

वैसे तो मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, फिर भी यदि डिग्री जमा नहीं होती है तो नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। इस मामले को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में रखा गया था, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। - सोहनलाल शर्मा, कुलसचिव, एनएलयू

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