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महारास में हैं 5 अध्याय, इनके पंच गीत ही भागवत के प्राण

3 वर्ष पहले
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कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर

नारवां खीचीयान का अचलमल विक्रम भवन में वृंदावन जैसा सजा था। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह था। श्रीमद‌्भागवत कथा सुनाई जा रही थी। पंडाल में जब कथा वाचक संत सुनील महाराज ने आज बिरज में होली...भजन शुरू किया तो उत्साहित श्रद्धालुओं ने फूलों की बरसात कर दी। ऐसे ही माहौल में ठाकुरजी संग होली खेली गई। भजनों की गूंज और फूलों की सुगंध के बीच अध्यात्म की बहार बहने लगी। ‌

इस अवसर सुनील महाराज ने कहा, कि आज गोपाल की वृंदावन नगरी का अहसास हो रहा है। उन्होंने रास पंच अध्याय का वर्णन किया आैर कहा, कि महारास में पांच अध्याय है। इनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण है। जो व्यक्ति ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भव सागर पार हो जाता है। उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उद्धव गोपी संवाद, उद्धव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाने, द्वारिका की स्थापना एवं रुक्मणि विवाह के प्रसंग का का भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा के दौरान ठाकुर जी संग फूलों से होली खेली गई। इस दौरान झांकी भी सजाई।

कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर

नारवां खीचीयान का अचलमल विक्रम भवन में वृंदावन जैसा सजा था। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह था। श्रीमद‌्भागवत कथा सुनाई जा रही थी। पंडाल में जब कथा वाचक संत सुनील महाराज ने आज बिरज में होली...भजन शुरू किया तो उत्साहित श्रद्धालुओं ने फूलों की बरसात कर दी। ऐसे ही माहौल में ठाकुरजी संग होली खेली गई। भजनों की गूंज और फूलों की सुगंध के बीच अध्यात्म की बहार बहने लगी। ‌

इस अवसर सुनील महाराज ने कहा, कि आज गोपाल की वृंदावन नगरी का अहसास हो रहा है। उन्होंने रास पंच अध्याय का वर्णन किया आैर कहा, कि महारास में पांच अध्याय है। इनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण है। जो व्यक्ति ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भव सागर पार हो जाता है। उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उद्धव गोपी संवाद, उद्धव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाने, द्वारिका की स्थापना एवं रुक्मणि विवाह के प्रसंग का का भावपूर्ण वर्णन किया गया।

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