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पुलिस कमिश्नर ने बंद कोर्ट रूम में प्रजेंटेशन देकर बताया वॉइस सैंपल जरूरी क्यों, आरोपी की आवाज के ऑडियो भी कोर्ट को सुनाए

3 वर्ष पहले
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रंगदारी के लिए फायरिंग कर दहशत फैलाने व सरदारपुरा के व्यवसायी वासुदेव की हत्या के मामले के आरोपी विक्रमजीत उर्फ विक्का का वॉइस सैंपल लेने की अनुमति के लिए पुलिस की अपील याचिका पर सुनवाई पूरी हुई, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। वॉइस सैंपल क्यों जरूरी है, इसके लिए पुलिस ने तैयार किया प्रजेंटेशन पीपीटी के जरिए कोर्ट को दिखाया, लेकिन विक्का की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने पीपीटी दिखाने का कड़ा विरोध किया। इसके बाद जस्टिस विजय विश्नोई ने खुले कोर्ट की बजाय बंद कोर्ट में पीपीटी दिखाने के निर्देश दिए। अभियोजन पक्ष व आरोपी के वकीलों को छोड़कर अन्य वकीलों और मीडियाकर्मियों को कोर्ट रूम से बाहर भेज दिया गया।

याचिका की सुनवाई की शुरुआत में ही आरोपी के वकील फर्जंद अली ने पीपीटी दिखाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, कि यह जांच का हिस्सा है। खुले कोर्ट में इसे दिखाया जाएगा तो इसका निचली कोर्ट में ट्रायल पर विपरीत असर पड़ेगा, इसलिए इसे दिखाने की अनुमति नहीं दी जाए। इस पर पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने कोर्ट से आग्रह किया, कि यह गंभीर मामला है।

आरोपी के वकील ने कहा, कि यहां मीडिया मौजूद है। अगर देखना ही है तो इसे चैंबर में देखा जाए। इस पर कोर्ट ने मीडियाकर्मियों और जो वकील केस से जुड़े हुए नहीं हैं, उन सभी को कोर्ट रूम से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद कोर्ट रूम के अंदर से कुंडी लगा दी गई।

पुलिस कमिश्नर राठौड़ ने एलईडी पर पीपीटी का प्रजेंटेशन दिया। आरोपी की आवाज के ऑडियो भी कोर्ट काे सुनाए। उन्होंने कहा, कि यह गंभीर मामला और आरोपी के वॉइस सैंपल लेना जरूरी है। जबकि एएजी शिवकुमार व्यास व उप राजकीय अधिवक्ता विक्रमसिंह राजपुरोहित ने कोर्ट से कहा, कि आवाज के नमूने लेना अनुसंधान का हिस्सा है, न कि अभियुक्त के खिलाफ कोई साक्ष्य बनाई जाती है। वॉइस सैंपल के प्रोविजन नहीं होने पर व्यास ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा, कि इसमें स्पष्ट कहा गया है कि नई समस्याओं का समाधान के लिए न्यायालय को ही रास्ता निकालना पड़ता है। दोनों पक्ष सुनने के बाद जस्टिस विश्नोई ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

पीपीटी दिखाने से पहले कोर्ट रूम के बाहर चैक करते एक्सपर्ट व पुलिस।

लॉरेन्स गैंग के गुर्गों की कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया।

खचाखच भर गया कोर्ट रूम

लंच से पहले पीपीटी दिखाने के लिए एलईडी व लैपटॉप लेकर पुलिस कोर्ट पहुंच गई। एलईडी व अन्य सामान को देखकर वहां मौजूद वकीलों में उत्सुकता दिख रही थी, कि आखिर पुलिस यह क्यों लेकर आई? लंच के बाद पुलिस कमिश्नर राठौड़, डीसीपी अमनदीप कपूर सहित पुलिस अन्य अफसर पहुंच गए थे। सुनवाई सुनने के लिए वकीलों व अन्य लोगों से कोर्ट रूम खचाखच भर गया था।

इंद्रा, सोहनलाल व शहाबुद्दीन के वॉइस सैंपल मामले की सुनवाई टली

भंवरी मामले की आरोपी इंद्रा, सोहनलाल व शहाबुद्दीन की वॉइस सैंपल लेने के मामले में जस्टिस पीके लोहरा की बेंच में सुनवाई हुई, लेकिन सीबीआई के अधिवक्ता पन्नेसिंह रातड़ी के उपलब्ध नहीं होने से टल गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 मई को होगी। भंवरी अपहरण व हत्या के मामले के इन तीनों आरोपियों की वॉइस मैच कराने के लिए सैंपल की सीबीआई ने अनुमति मांगी थी, जिसे सीबीआई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

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