राशन गेहूं की कालाबाजारी से 8 करोड़ रुपए के गबन मामले में एसीबी ने किया था गिरफ्तार
जोधपुर| गरीबों के नाम पर फर्जी आंकड़े दर्शा राशन के 35 हजार क्विंटल गेहूं को कालाबाजारी कर शहर की आटा मिलों को बेच 8 करोड़ रुपए का घोटाला करने वाली निलंबित आईएएस निर्मला मीणा की रिमांड अवधि 22 मई तक बढ़ा दी गई है। एसीबी की टीम अब निर्मला और सीनियर आरएएस मुकेश मीणा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की कोशिश कर रही है। उल्लेखनीय है कि मुकेश ने ही निर्मला की तीन लाइन की एक चिट्ठी पर ही 35 हजार क्विंटल गेहूं आवंटित किया था। इस संबंध में 8 करोड़ रुपए के घोटाले के साक्ष्य मिलने के बाद एसीबी ने मीणा सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद कई महीनों तक निर्मला ने हर स्तर पर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिकाएं लगाईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से भी उसे राहत नहीं मिली थी। इसके बाद निर्मला ने एसीबी के समक्ष समर्पण कर दिया था। निर्मला को गिरफ्तार करने के बाद एसीबी ने उसे रिमांड पर लिया। शनिवार को उसकी रिमांड अवधि खत्म होने पर एसीबी टीम ने उसे दुबारा भ्रष्टाचार मामलात की विशेष अदालत में पेश किया। वहां से उसे 22 मई तक एसीबी की रिमांड पर भेज दिया। इस प्रकरण में निर्मला के पति पवन मित्तल सहित अन्य सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।