उदयपुर में हाईकोर्ट की पीठ स्थापित करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से कमेटी बनाने के विरोध में जोधपुर के वकीलों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। सरकार के इस कदम के विरोध में हाईकोर्ट व लोअर कोर्ट्स के 5 हजार से ज्यादा वकीलों ने कार्य का बहिष्कार किया। सुबह आठ बजे हाईकोर्ट के सभी जजों के समक्ष विभिन्न मामलों की सुनवाई शुरू हुई, लेकिन वकीलों ने उपस्थिति नहीं दी। कुछ मामलों में मुवक्किलों ने खुद पैरवी की, जबकि अधिकांश मामलों में वकीलों के उपस्थित नहीं होने के कारण आगे की तारीख दे दी गई। वकील कॉरिडोर में तो आए, लेकिन कोर्ट रूम में नहीं गए। वकीलों के बहिष्कार के चलते हाईकोर्ट व अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। सुबह साढ़े दस बजे वकीलों ने हाईकोर्ट के मुख्यद्वार के आगे नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने उदयपुर में सर्किट बेंच स्थापित करने के लिए कमेटी गठित करने के विरोध में नारे लगाए। यहां से सभी वकील एकत्र होकर संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और यहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। वकीलों के रोष के मद्देनजर राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन व राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को भी हड़ताल करने का निर्णय किया है। वकीलों के तेवर देखते हुए मंगलवार को एडवोकेट्स एसोसिएशन की जनरल हाउस की मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग में हड़ताल अनिश्चितकालीन करने, नहीं करने के बारे में तय किया जाएगा।
जज ने पूछा- अपीयर हो रहे हो? इनकार कर लौटे वकील
जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास की कोर्ट में दो-तीन वकील यूनिफॉर्म में खड़े थे। जस्टिस व्यास खंडपीठ में सुनवाई कर रहे थे, तब ही जस्टिस व्यास ने कोर्ट रूम में पीछे की ओर खड़े वकीलों से हंसते हुए पूछा, कि क्या वे अपीयर हो रहे हैं, क्या उनका नाम लिख दें, इस पर उन्होंने इनकार किया और कोर्ट रूम से बाहर लौट गए।
कमेटी गठन के विरोध में हाईकोर्ट परिसर में प्रदर्शन करते जोधपुर के वकील।
विधि राज्यमंत्री से मिलकर भी जताया विरोध
रणजीत जोशी, कुलदीप माथुर, राजेश परिहार, देवकीनंदन व्यास आदि वकीलों के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय विधि राज्यमंत्री पीपी चौधरी से मिलकर उदयपुर में बेंच के लिए कमेटी गठित करने का विरोध जताया। इस पर चौधरी ने उचित कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
न्यू हाईकोर्ट भवन के पास ट्रायल कोर्ट शिफ्ट नहीं करने का विरोध
कुछ वकीलों ने झालामंड में न्यू हाईकोर्ट भवन के पास ट्रायल कोर्ट को शिफ्ट करने में साथ देने के लिखित आश्वासन पर ही समर्थन देने की बात कही। लॉयर्स एसोसिएशन के कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने लिखित में भी आश्वासन दिया। इसके बाद विरोध करने वाले वकील सहमत हो गए और प्रदर्शन में शामिल हुए।
900-1000
14 जज मुख्यपीठ में
52 ट्रायल कोर्ट जोधपुर में
5000 वकील रजिस्टर्ड हैं पूरे जोधपुर शहर के
...उधर उदयपुर से उठी आवाज
जोधपुर के तो चंद वकील विरोध में हैं
उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना के लिए क्रमिक अनशन आंदोलन 34 वें दिन भी जारी रहा। वकीलों के साथ भारतीय किसान संघ और तहसील इकाइयों के कार्यकर्ता जुलूस के रुप में धरनास्थल पर पहुंचे। जोधपुर के वकीलों की हड़ताल का विरोध करते हुए हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के शांतिलाल चपलोत व रमेश नंदवाना ने बताया कि जोधपुर में तो 200 वकील विरोध में हैं। यहां हाईकोर्ट बैंच डेढ़ करोड़ जनता की मांग है। अभी जोधपुर के वकीलों काे जवाब देने में समय व्यर्थ नहीं करना है। अनशन पर बैठे वकीलों ने जोधपुर के वकीलों की हड़ताल का निंदा प्रस्ताव पारित किया।
केस हाईकोर्ट में रोज लगते हैं
2000 से
2500 तक
केस ट्रायल कोर्ट में रोज लगते हैं