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जीवन में दान की वस्तु का स्वयं उपयोग नहीं करें, इससे व्यक्ति नरक गामी होता है: पं. गौड़

3 वर्ष पहले
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जोधपुर| झालामंड चौराहा महादेव मंदिर के पीछे गोरधन वाटिका में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित ऋषिराज गौड़ ने भगवान सुखदेव और राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का वर्णन किया। कथा में महादेव द्वारा माता पार्वती को अमर कथा सुनाने के पौराणिक प्रसंग का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा, जिस तरह से राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि का श्राप लगा था और वह श्राप मूर्त रूप होने जा रहा है, गुरु सुखदेव ने राजा को उपदेश देते हुए कहा, कि राजन आत्मा जब शरीर से निकल जाती है तो परमात्मा से मिल जाती है। कथा वाचक गौड़ ने कहा, जीवन में दान की गई वस्तु का स्वयं द्वारा उपयोग नहीं करना चाहिए इससे व्यक्ति नरक गामी हो जाता है। कथा में जीवंत झांकियों का मंचन किया गया, मंच संचालन गणपत व्यास ने किया। इस अवसर पर राकेश कुमार सोनी, पवन सोनी ,कैलाश प्रजापत, श्रवण रामावत ,सुरेंद्र ,शंकर नवरतनमल, दुर्गालाल, हरि नारायण, कन्हैया लाल, राकेश भामा, परीक्षित और मीडिया प्रभारी मनोज सिनावडिया उपस्थित थे।

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