राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास व रामचंद्रसिंह झाला की खंडपीठ ने सोमवार को स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए दर्ज की गई जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान टाउन हॉल की खस्ताहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, कि कलेक्टर के स्तर पर टाउन हॉल के रिनोवेशन के लिए भिजवाया गया पांच करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी अभी तक मंजूर नहीं किया गया। टाउन हॉल में पर्याप्त स्टाफ नहीं है और कुर्सियां टूटी पड़ी हैं। कोर्ट ने सुनवाई के लिए पेश हुए संगीत नाटक अकादमी के सचिव महेश पंवार से पूछा, कि हॉल का कितना किराया है? इस पर बताया गया कि कॉमर्शियल का 25 हजार रुपए निर्धारित है। इस पर कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, कि जब सुविधाएं ही नहीं हैं, तो फिर किस बात का कितना किराया लिया जा रहा है। हड़ताल के चलते दोनों पक्षों की ओर से वकील पेश नहीं हुए, इस पर कोर्ट ने याचिका पर मंगलवार को फिर सुनवाई मुकर्रर की है।
टाउन हॉल की खस्ता हालत पर जताई नाराजगी