पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jodhpur
  • अस्पतालों में ब्लड कल्चर जांच बंद, जिम्मेदार कह रहे

अस्पतालों में ब्लड कल्चर जांच बंद, जिम्मेदार कह रहे

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
महावीरप्रसाद शर्मा | जोधपुर

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के तीनों बड़े अस्पताल एमजीएच, एमडीएमएच और उम्मेद हॉस्पिटल में दो माह से न मैन्युअल और न ही मशीन से ब्लड कल्चर टेस्ट हो रहा है। ऐसा इसके लिए जरूरी किट आई-मीडिया और डेकटेक की सप्लाई नहीं होने से हो रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना में फ्री में होने वाली इस जांच के लिए मरीज के परिजनों को निजी केंद्रों पर महंगी दर चुकानी पड़ रही है। तेज बुखार होने, आईसीयू में भर्ती सेप्टीसिमिया या सीरियस इंफेक्शन वाले मरीजों को अपना ब्लड कल्चर बाहर निजी लैब से 1000-1500 रुपए तक देकर कराना पड़ रहा है। इस बारे में अस्पतालों के प्रशासन बेपरवाह है। पूछने पर यह कह अपना पल्ला झाड़ रहे हैं कि यह रुटीन टेस्ट नहीं है और मरीज को ज्यादा जरूरत नहीं होती है। किसी को ज्यादा जरूरत है तो मेडिकल कॉलेज में आकर जांच कराए। जबकि तीनों अस्पतालों में रोजाना करीब 30 मरीजों को इस जांच की जरूरत पड़ती है।

\\\"रुटीन टेस्ट नहीं, इमरजेंसी हो तो मेडिकल कॉलेज जाएं\\\'

पांच किमी दूर मेडिकल कॉलेज ले जाने तक खराब हो जाते हैं सैंपल

एमडीएम को छोड़कर एमजीएच और उम्मेद अस्पताल मेडिकल कॉलेज से करीब 5 किलोमीटर दूर है। ऐसे में मरीज का लिया हुआ सैंपल भी दिन में 45 डिग्री टेम्प्रेचर में खराब हो जाता है। सैंपल खराब होने से कई बार टेस्ट के रिजल्ट भी सही नहीं आ पाते। तीनों अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30 मरीजों का ब्लड कल्चर कराया जा रहा है। जिन्हें मजबूरी में बाहर से जांच करवानी पड़ रही है। बावजूद उसके तीनों अस्पताल के प्रशासन इसे गंभीर नहीं मान रहा है।

सप्लाई नहीं आने से आ रही दिक्कत, मेडिकल कॉलेज में जांच जारी

यह रुटीन जांच नहीं है। रोजाना कुछ मरीजों को ही इसकी जरूरत होती है। सप्लायर के सप्लाई नहीं देने से फिलहाल इसकी शॉर्टेज है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में जांच जारी है। - डॉ. अजय मालवीय, अतिरिक्त प्राचार्य प्रथम, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

तीनों अस्पतालों में रोजाना करीब 30 मरीजों को लिखी जा रही जांच, न मैन्युअल न मशीन से हो रही

निशुल्क योजना के इस टेस्ट के लिए मरीजों को निजी केंद्रों पर 1000-1500 रुपए देने पड़ रहे

रात में मेडिकल कॉलेज की लैब भी बंद, इमरजेंसी में नहीं मिलती रिपोर्ट

डाॅ. एसएन मेडिकल कॉलेज में बनी माइक्रोबायोलॉजी लैब में दोपहर 2 बजे तक सैंपल लेकर उसकी रिपोर्ट दी जाती है। हालांकि वहां 4 बजे तक अस्पतालों से आने वाले सैंपल लिए जाते हैं। 4 बजे बाद कॉलेज की लैब भी बंद हो जाती है। ऐसे में यदि किसी डॉक्टर ने इमरजेंसी में आने वाले मरीज को ब्लड कल्चर की जांच लिखी तो वह एक दिन बाद मेडिकल कॉलेज में जाती है। कारण कि रात में मेडिकल कॉलेज की लैब बंद होती है। ऐसे में जांच के रिजल्ट पर संशय ही रहता है।

खबरें और भी हैं...