मेहनत-मजदूरी करके जीवनयापन करने वाले सीधे-सादे लोगों को पैसा दुगुना, चार गुना या इससे ज्यादा करने का झांसा देकर चिटफंड कंपनी में इन्वेस्ट कराने और उनके लाखों रुपए बटोर कर गायब होने का एक और मामला सामने आया है। इसमें कंपनी के कथित जिम्मेदारों ने तकरीबन 50 लोगों से 8 से 30 हजार रुपए तक किस्तों में जमा किए और बाद में जमा हुए ये लाखों रुपए हड़प लिए। इस संबंध में चौहाबो थाने में तीन केस दर्ज किए गए हैं। बताया जाता है कि इसमें हजारों लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी हुई है और यह आंकड़ा करोड़ों रुपए में है।
मूलतया बाड़मेर के ईश्वरपुरा निवासी आसाराम कुमावत पुत्र चंदाराम, चमनलाल पुत्र किशनलाल और गोरखाराम पुत्र मालाराम की ओर से तीन अलग-अलग केस कोर्ट के इस्तगासे के आधार पर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार चौहाबो के सेक्टर 20 निवासी नम्रता आर्य प|ी गोपाल आर्य एक कंपनी पीआर बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर है। नम्रता, उसके पति गोपाल आर्य पुत्र दौलतराम सिंधी, बाड़मेर के सिणधरी में डंडाली निवासी मगाराम बेनीवाल पुत्र हेमाराम, सिणधरी नैणों की ढाणी निवासी विशनाराम नैण पुत्र कालूराम जाट, सुमेरपुर निवासी शंकरलाल प्रजापति पुत्र मानाराम, नई दिल्ली जनक पुरी के रवींद्र सिंह चौधरी पुत्र रणधीर सिंह, नई दिल्ली जनकपुरी की कंपनी सी मैक्स मार्केटिंग का डायरेक्टर मूलाराम देवासी, डायरेक्टर दीपक अरोड़ा पुत्र भीमसेन अरोड़ा, एक अन्य कंपनी की डायरेक्टर व अरोड़ा की प|ी दीपिका अरोड़ा, चौहटन आदर्श नगर निवासी पुरखाराम चौधरी पुत्र रूपाराम, इसका बेटा हिमांशु चौधरी, पोकरण निवासी नारायण दान चारण पुत्र बखताराम चारण, चौहटन गुमाने का तला निवासी सरदार दान चारण पुत्र हेमदान और कमलादेवी विश्नोई ने परिवादी सहित अन्य से धोखाधड़ी की। इसके लिए आरोपियों ने पीड़ितों को आरडी, एफडी, पीआरडी, एमओ, बोनस, फ्यूचर प्लान, रॉयल्टी बोनस, गोल्ड प्लान, प्लॉट कॉलोनी स्कीम में पैसा कई गुना करने का झांसा दिया और इन स्कीमों में लोगों से किस्तों में रुपए इन्वेस्ट कराए। बाद में ये राशि हड़प ली।
EXPOSE
ग्रामीणों को बनाया शिकार, कमीशन का लालच भी दिया
किसी से 8 तो किसी से लिए 30 हजार रुपए
आरोपियों ने अलग-अलग कंपनियों में परिवादी आसाराम के साथ-साथ आस-पड़ोस व गांव के लोगों को भी झांसा दिया। इनमें नौखादेवी से 23 हजार, कनका देवी से 9200, हरखू देवी से 23 हजार, नमूदेवी व देवी से 9200, रामीदेवी, अनोपाराम, चतुराराम व करनाराम से 7800-7800 रुपए, हुव्वादेवी व कानाराम, राणाराम से 9200 रुपए प्रत्येक और निंबाराम से 13800 सहित कुल 1 लाख 85 हजार 200 रुपए हड़पे। दो अन्य केस में भी इससे कई ज्यादा पीड़ित लोगों की सूची शामिल की गई है।
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार आरोपी नमृता आर्य, उसके पति गोपाल ने ग्रामीण इलाकों में कई लोगों से पहले तो कंपनी में हजारों रुपए इन्वेस्ट कराए और फिर उन्हें एजेंट के रूप में दूसरे लोगों से इन्वेस्ट कराने पर कमीशन का लालच दिया। इस चक्कर में एक से एक कड़ियां आगे बढ़ती चली गईं और लोग इसमें फंसते गए। बाद में आरोपियों ने कई लोगों से रुपए लौटाने का झांसा देकर खाली फाॅर्म पर रेवेन्यू स्टाम्प लगाकर हस्ताक्षर व अंगूठा निशान ले लिए, लेकिन भुगतान नहीं किया। ऐसे सैकड़ों लोग अब कोर्ट और पुलिस थानों के चक्कर लगा रहे हैं।
केस दर्ज कर जांच शुरू की है
कोर्ट से मिले इस्तगासों के आधार पर तीन प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें कई लोगों से हजारों रुपए हड़पने के आरोप हैं। इन तीनों मुकदमों में 10-12 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनकी जांच एसआई गणपतलाल को सौंपी गई है। पीड़ित पक्षों से पूरी जानकारी लेकर तथ्यों के आधार पर जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देवेंद्र सिंह, थानाधिकारी, चौहाबो