अधिक मास की आराधना शुरू, रमजान का पवित्र महीना कल से
जोधपुर| साधना और आराधना का महीना पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) बुधवार से शुरू हुआ। करीब एक माह चलने वाले अधिक मास में मांगलिक कार्यक्रम नहीं होंगे। शहरवासी पूजा-पाठ और भक्ति समारोह में शामिल रहेंगे। इधर, बुधवार को चांद नहीं दिखने से शुक्रवार से रमजान का पवित्र महीना शुरू होगा। ऐसा तीन साल में पहली बार हुआ है, जब रमजान और अधिकमास एक साथ आए हैं। ज्येष्ठ माह में एक तरफ पूजा-अर्चना तो दूसरी तरफ इबादतों का दौर रहेगा। मंदिरों में पूजा-पाठ, सत्संग, दान-पुण्य, कथाओं और अनुष्ठानों का आयोजन होगा तो रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में इबादतों का दौर चलेगा और रोजे रख अमन-चैन की दुआ करने के साथ परोपकार का कार्य किया जाएगा।
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11 साल बाद बना संयोग
वैसे तो अधिकमास हर तीन साल में आता है, लेकिन 11 साल बाद ऐसा संयोग बना है कि अधिकमास ज्येष्ठ मास में आया है। पंडित रमेश द्विवेदी के अनुसार इससे पहले वर्ष 2007 में ज्येष्ठ मास में अधिकमास आया था।
दो साल से 8 का आंकड़ा
रमजान की शुरुआत चांद दिखने से शुरू होती है। कुछ वर्ष के अंतराल में दिन घटने का सिलसिला चलता रहता है। पिछले साल रमजान का पवित्र महीना 28 मई से शुरू हुआ था। वहीं इस बार बुधवार को चांद नहीं दिखने के कारण 18 मई यानी शुक्रवार से रमजान का महीना शुरू होगा। दोनों ही आंकड़ों में इकाई का अंक आठ है, जो अपने आप में अनूठा संयोग है।
24 से शुरू होगी, 7 दिन की परिक्रमा
पुरुषोत्तम मास में 7 दिवसीय भौगिशेल परिक्रमा भी होती है। इस बार भौगिशेल की यह परिक्रमा 24 मई से शुरू होगी। जोधपुर के चारों ओर भौगिशेल पर्वत की यात्रा की शुरूआत 24 मई को रातानाडा गणेश मंदिर से शुरू हाेगी। इस परिक्रमा में देव मंदिरों के दर्शन कर भक्तगण परिवार, समाज व देश के विकास व प्रगति की कामना करेंगे।
पहला सावा 19 जून से
अधिकमास के शुरू होते ही मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है, लेकिन इसकी समाप्ति के बाद 19 जून को पहला सावा शुरू होगा यानी मांगलिक कार्यक्रम फिर से शुरू हो जाएंगे। पंडित रमेश द्विवेदी के अनुसार 14 जून को अधिकमास समाप्त होने के बाद 19 जून से पहला सावा प्रारंभ होगा।