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भास्कर अभियान ‘कल के लिए जल’ से मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा भी जुड़े पूजा, इबादत और अरदास के साथ-साथ शहरवासी ले रहे पानी बचाने का संकल्प

3 वर्ष पहले
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पंच तत्वों से बने शरीर में जल भी एक है। अध्यात्म ने यह सिद्ध भी कर दिया है। यही पानी अगर कल नहीं रहा तो पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेगी...इसी भावना को और वैश्विक मुद्दे को भास्कर ने अपनी जिम्मेदारी समझकर उठाया है। दैनिक भास्कर के ‘पानी बचाओ’ अभियान में अब हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मों के संत और लोग जुड़ने लगे हैं। इसके लिए प्रार्थना, इबादत, अरदास और प्रेयर की जा रही है। दैनिक भास्कर ने संतों और धर्मगुरुओं के माध्यम से आमजन से पानी बचाने की अपील की है।

मस्जिद| मुस्लिम भाइयों ने मांगी पानी के लिए दुआ

सोजती गेट मोहल्ला तेलियान स्थित मर्कजी अहले हदीस मस्जिद में नमाज के दौरान मुस्लिम भाइयों ने हर घर-हर व्यक्ति के लिए पानी नसीब होने की दुआ मांगी। दोपहर दो बजे नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के मौजिज लोगों ने मस्जिद के बाहर अब्दुल रहीम मोदी, अरशद चौहान, अब्दुल शकूर, बैलीम अब्दुल गफूर, गौरी अब्दुल सलीम, अब्दुल कयूम, मंसूरी मोहम्मद इकबाल, अब्दुल वददू आदि जल बचाने का संकल्प लिया।

गुरुद्वारा| ज्ञानियों ने बताई जल की महिमा

मेडिकल कॉलेज स्थित गुरु तेग बहादुर सिंह गुरुद्वारा में कीर्तन आयोजित हुआ। इस मौके पर ज्ञानी वीरसिंह व करमजीत सिंह ने बताया कि व्यक्ति के शरीर में अगर पानी नहीं हो तो उसका जीवन समाप्त हो जाता है। पानी के बिना संसार की कल्पना करना भी किसी बात को अधूरा रखने के समान है। इस दौरान गुरुद्वारा के प्रधान प्रीतपाल सिंह सोबती, सचिव अर्जुनसिंह, जल मित्र मनमोहन सिंह व नारायण पंजाबी ने गुरुद्वारे में आए सैकड़ों भक्तों को जल बचाने का संकल्प दिलाया।

मंदिर : सुंदरकांड पाठ से पहले जल बचाने का संकल्प

जालोरी गेट बारी स्थित बड़लेश्वर महादेव मंदिर में सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित किया गया। इस दौरान भक्तों ने पाठ शुरू होने से पहले प्रतिज्ञा ली कि सच्चे भारतीय होने के नाते उन्हें जहां कहीं भी व्यर्थ जल बहता नजर आएगा या बहाएगा तो वे उसे रोकने की कोशिश करेंगे। इस दौरान भक्तों ने हनुमान चालीसा की पुस्तक हाथ में लेकर जल की बर्बादी रोकने की शपथ ली।

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