शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग अब ब्लाॅक स्तर पर बीईईओ की जगह डीईओ को नियुक्त करेगा। वहीं डीईओ की जगह पर डीडी की पोस्टिंग की जाएगी। शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव नरेशपाल गंगवार व सीएमओ से हरी झंडी मिलने के बाद ऐसी व्यवस्थाओं को लागू किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर मंथन कर निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के लागू होने से अधिकारियों के पद बढ़ने के साथ ही शिक्षकों के कार्य को प्राथमिकता के साथ में निपटाया जा सकेगा।
पीईईओ व बीईईओ पद समान होने से बनाया जा रहा डीईओ पद
पूर्व में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बीईईओ के अधीन आते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत ये विद्यालय पीईईओ के अधीन आने लग गए। नई व्यवस्था के तहत पीईईओ की तरफ से शिक्षकों की छुट्टियां स्वीकृत करने व वेतन बनाने की समस्या आनी शुरू हुई। पहले बीईईओ के पास में 250 से 300 स्कूलें होती थीं। पीईईओ बनने के बाद से 10 से 12 स्कूल इनके अधीन आ रहे हैं, जिससे बीईईओ का कार्य तो लगभग समाप्त ही हो गया है। विभाग के अफसरों के मुताबिक पीईईओ लगने से बीईईओ की कोई सुनते नहीं हैं। पीईईओ और बीईईओ का पद समान है। दोनों पद समान होने से एक दूसरे को कोई आदेश भी नहीं दे सकता है। ऐसे में विभाग के पास में बीईईओ की जगह पर डीईओ की पोस्ट करने की मजबूरी भी हो गई है। हालांकि विभाग स्तर पर इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन उच्च स्तर पर ऐसी कवायद चल रही है।