ईस्टर्न फाउंडेशन फॉर आर्ट एंड कल्चर संस्थान की ओर से सूर्यनगरी में तीन दिन का नेशनल आर्ट फेस्टिवल \\\"एक्ट कनेक्ट रिफ्लेक्ट\\\' शुक्रवार से देवनगर स्थित महावीर वाटिका में शुरू हुआ। फाइन आर्ट से संबंधित इस आर्ट कैंप कम एग्जीबिशन में भारत भर के आर्टिस्ट्स की बनाई पेंटिंग्स डिस्पले की गई हैं। आर्ट एग्जीबिशन के पहले दिन नेशनल अवार्डी 110 पेंटिग्स का डिस्प्ले किया गया जिनमें 30 पेंटिग्स जोधपुर के आर्टिस्ट्स की बनाई हुई हैं। इसके अलावा जाोधाणा फोटोग्राफी एसोसिएशन के मेंबर्स के फोटोग्राफ्स की एग्जीबिशन भी लगी है। एग्जीबिशन में राजस्थान के ग्रामीण अंचल, कृषि, फोक डांस, कठपुतली, लोक वाद्य और राजस्थानी चेहरों को कंटेंपररी, एब्सट्रेक्ट, लैंडस्केप और पोट्रेट फॉर्म लगाए गए हैं। कार्यक्रम के संयोजक केशव वरनोति ने बताया कि पेंटिंग्स के जरिए आर्टिस्ट्स ने राजस्थान की विशेषताओं और यहां के जीने के अंदाज को पेश किया है। इस अवसर पर आयोजित हुए आर्ट कैंप में 15 आर्टिस्ट्स ने पार्टिसिपेट कर कैनवास पर अपनी मन-स्थिति और कल्पना के अनुसार चित्र उकेरे। कैंप में देश भर से आए आर्टिस्ट्स हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह में पूर्व नरेश गजसिंह चीफ गेस्ट थे व अध्यक्षता राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव सुरेंद्र सोनी ने की। इस मौके राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति के प्रदेश अध्यक्ष रमेश थानवी सहित शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे। आमंत्रित कलाकारों को मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मान भी किया। संचालन युवा ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कवि-चित्रकार अमित कल्ला ने किया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष प्रदिप्ता दास और सेक्रेटरी दिलीप मलिक भी मौजूद थे। शाम को सृजना संस्था द्वारा काव्य संध्या आयोजित की गई जिसमें डॉ. हरिदास व्यास, सुषमा चौहान, भानु मित्र, आकाश मिड्ढ़ा, आकाश नवरंगी, नैना छिब्बर, प्रगति गुप्ता, इसराकुल माहिर, मधुर परिहार, उज्जवल तिवारी, रिंकू वर्मा और संतोष चौधरी ने कविताएं पढ़ीं।
नेशनल आर्ट फेस्टिवल में लाइव आर्ट वर्कशॉप भी हुई जिसमें शहर के आर्टिस्ट्स ने पार्टिसिपेट करते हुए मन के भाव उकेरे।
मधुर परिहार, डॉ नीना छिब्बर
संतोष चौधरी, डॉ वीणा चूड़ावत
डॉ आकाश मिड्ढ़ा, डॉ हरिदास व्यास
आज कलाओं के अंतर्संबंध पर होगा नेशनल सेमिनार
सुभांगिनी सिंह महेचा, भव्या गौड़, मदिहा अली, रक्षिता बलाई
\\\"गुजर गया जाने कब चुपके से वक्त...\\\'
आर्ट फेस्टिवल में शाम को आयोजित काव्य संध्या में 13 साहित्यकारों और कवियों ने भाग लेते हुए अपनी कविताओं के माध्यम से देश, समाज, मां, वृद्धावस्था, परिवार और संस्कारों पर कविताएं और गजलों को प्रस्तुत किया। साहित्यकार व शायर हबीब कैफी की अध्यक्षता में आयोजित इस काव्य संध्या में पहली प्रस्तुति के रूप में संतोष चौधरी ने अपनी कविता मेरा मौन सालता है तूने... से आरंभ किया। कवियित्री उज्जवल तिवारी ने \\\"आंखें प्रतीक्षा करती हैं आंखों की...\\\' में इंतजार के लम्हों की सुंदरता को बयां किया। साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और परिवार में बढ़ रही दूरियां और दायरों को भी समेटने की बात कही। कविताओं में कहीं मां का प्यार तो कहीं देश प्रेम के गीत और गजलों में वक्त के गुजरने की दास्तां पेश की गई। आकाश नौरंगी ने देश प्रेम के गीत को प्रस्तुत किया। तो वहीं रिंकू रेणु वर्मा ने अपनी गजल \\\"गुजर गया जाने कब चुपके से वक्त...\\\' के जरिए इन सभी कलाकारों ने श्रृंगार और हास्य के साथ विरह के दर्द को भी कविता व गजल के माध्यम से प्रस्तुत किया।
शनिवार सुबह दस बजे से \\\"कलाओं के अंतर्संबंध\\\" विषय पर नेशनल सेमिनार होगा जिसमें देश के ख्यातनाम कला मर्मज्ञ अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। इसमें चित्रकार कनू पटेल, आर बी गौतम, डॉ. ऋतु जौहरी, हिमांशु व्यास, पंचानन सामल, राजेश पाटिल, गोपाल सिंह चौहान और अमित कल्ला मुख्य रूप से रहेंगे। शाम को संगीत किसलय संस्थान की ओर से संगीत संध्या आयोजित की जाएगी।
दीप्ति कुलश्रेष्ठ, सुनीता रानी
सूर्यनगरी में शुरू हुआ तीन दिन का नेशनल आर्ट फेस्टिवल, आज सेमिनार और काव्य संध्या
रेणू वर्मा