जोधपुर| माहे रमजान के पहले जुमे की नमाज अकीदत व अहतराम के साथ अदा की गई। शुक्रवार से रमजान का महीना शुरू हो गया। जुमे को पहले रोजे के दिन शहर की मस्जिदों व इबादतगाहों में नमाज अदा की गई। शहर में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री के बीच लोगों ने 15 घंटे से अधिक समय तक रोजा रखा। हालांकि भीषण गर्मी में नमाज के लिए मस्जिदों में खास इंतजाम किए गए थे। दोपहर में एक बजे अजान के साथ ही नमाजियों से मस्जिदें भर गईं। उदयमंदिर स्थित जामा मस्जिद, बंबा बड़ी मस्जिद, छोटी मस्जिद, सोजती गेट, तेलियों की मस्जिद, लोहारों की मस्जिद, सिवांचीगेट स्थित सिंधियों की मस्जिद, खेतानाडी और शहर की भीतरी क्षेत्रों की मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। घरों में महिलाओं ने भी समूह में नमाज अदा की।
बुराइयों से बचाता है, बरकत लाता है रोजा
नमाज से पहले पेश इमामों ने खुतबे में रोजा और नमाज की अहमियत के बारे में बताया। उदयमंदिर धानमंडी स्थित जामा मस्जिद के पेश इमाम यार मोहम्मद ने तकरीर में कहा, कि रोजा बुराइयों से बचाता है। हमें बुराइयों से दूर रहना चाहिए। बंबा बड़ी मस्जिद के पेश इमाम ने कहा, कि इस महीने में अल्लाह तआला रहमतों की बारिश करता है और हमारे रिज्क में बरकत होती है।
इफ्तार के साथ पहला रोजा पूरा
शुक्रवार को पहला रोजा पूरा हुआ। पहले दिन जुमा होने के कारण मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में लोग जुमे की नमाज की तैयारियों में लगे रहे। जुमा और असर की नमाज के बाद रोजा इफ्तार की तैयारियां शुरू हो गई और मगरिब की अजा के साथ ही रोजेदारों ने इफ्तार के साथ रोजा खोला। इसी के साथ पहला रोजा पूरा हो गया।