जोधपुर | उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने की मांग के विरोध में जोधपुर के वकीलों ने कड़ा ऐतराज जताया है। राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को इस सिलसिले में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय विधि राज्य मंत्री पीपी चौधरी एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को ज्ञापन भेजे। ज्ञापन में वकीलों ने उदयपुर में बेंच की मांग को सिरे से खारिज करवाने का आग्रह किया गया। साथ ही ऐसा नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप माथुर, उपाध्यक्ष जितेंद्रसिंह खींची, महासचिव दीपेश बेनीवाल, संयुक्त सचिव राजेश परिहार, कोषाध्यक्ष देवकीनंदन व्यास एवं पुस्तकालय सचिव जगत टाटिया की ओर से भेजे ज्ञापन में बताया, कि राजस्थान के एकीकरण के समय ही यह तय हो गया था कि जोधपुर न्यायिक राजधानी होगा और हाईकोर्ट जोधपुर में ही रहेगा। बावजूद इसके करीब 40 साल पहले जयपुर में पीठ स्थापित कर दी गई, जिसके खिलाफ जोधपुर के अधिवक्ता और नागरिक लगातार आंदोलन कर एकीकृत हाईकोर्ट की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में अब किसी अन्य स्थान पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग करना बेमानी है।