जोधपुर | जैन धर्म के चार सौ साल पुराने ग्रंथ श्री ज्योतिषसार: हीरकलश का न्यूयॉर्क में विमोचन हुआ। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डॉ.विनयसहत्रबुद्धे, राज्यसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक नारायण पंचारिया व काउंसिल जनरल ऑफ इंडिया संदीप चक्रवर्ती ने विमोचन किया। इसके प्रकथन में जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन प्रेम भंडारी के ज्योतिष ज्ञान के बारे में डीआर मेहता ने लिखा है। भंडारी ने इस ग्रंथ का हिंदी में अनुवाद करवाया था।
भंडारी ने बताया कि इस ग्रंथ के बारे में प्राकृत भारती अकादमी के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक व जयपुर फुट के संस्थापक मेहता ने लिखा है कि यह जैन ज्योतिष का विशेष ग्रंथ है, जो प्राकृत भाषा में था। इसका जैन धर्म दर्शन साहित्य के प्रख्यात विद्वान पं. भगवान दास जैन ने हिंदी में अनुवाद किया। अकादमी ने इस अनुपलब्ध ग्रंथ के पुन: प्रकाशन का निर्णय लिया। इसकी प्रेरणा व आर्थिक सहयोग प्रेम भंडारी से मिला था। भंडारी ने ज्योतिष के विविध ग्रंथों का अध्ययन किया है। कई ज्योतिषाचार्यों से चर्चा की। कार्यक्रम में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रो. दलपत राजपुरोहित, यूएन के अधिकारी राहुल सूर, केके मेहता, अशोक संचेती, डॉ. अशोक ओझा, राजीव भांबरी, राजेंद्र बाफना व चंद्रा मेहता सहित कई गणमान्य जन उपस्थित थे।