शहर में दूसरी बार आयोजित हो रहे सन टू ह्यूमन मेडिटेशन कैंप के पहले दिन शहर के अलग-अलग हिस्सों से भारी संख्या में महिला, बुजुर्ग और युवा रेलवे स्टेडियम ग्राउंड पहुंचे। लोगों का क्रेज ऐसा कि निश्चित समय 6 बजे से आधा घंटा पहले ही लोगों का ग्राउंड पर पहुंचना शुरू हो गए थे। पहले दिन करीब पांच हजार पार्टिसिपेंट्स ने कैंप अटेंड किया। दैनिक भास्कर की मीडिया पार्टनरशिप में आयोजित हो रहे इस कैंप में सुबह 6 बजे से 9 बजे के सेशन में फिजिकल एक्टिविटीज कराई गई। इसमें पार्टिसिपेंट्स को भजनों पर फ्री स्टाइल डांस भी कराया गया। आचार्य परम आलय ने कहा कि रियल मेडिटेशन वही है जो प्रेयर में रूपांतरित हो जाए। उन्होंने कहा कि एक मेडिटेटर ही प्रेयर कर सकता है क्योंकि वह सत्य को जानता है और अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि प्रार्थना वह है जो जीवंत अनुभूति दे। सुबह के सेशन में सूर्य आराधना के बाद ब्रेकफास्ट में पार्टिसिपेंट्स को 14 तरह के फूड आइटम्स दिए गए। शाम को 6:30 बजे से 8:30 बजे के सेशन में पार्टिसिपेंट्स को वीडियो के जरिए डेली लाइफ में हेल्दी बॉडी के लिए जरूरी महत्वपूर्ण सूत्र बताए गए। शाम को पार्टिसिपेंट्स को मेडिकेटेड ड्रिंक्स भी दिए गए। कैंप में पहले तीन दिन भौतिक शरीर से जुड़े प्रयोग कराए जाएंगे। शाम को पूर्व नरेश गजसिंह और हेमलता राजे भी कैंप में शामिल हुए।
कैंप में साथ लाएं यह सामग्री
पार्टिसिपेंट्स को अग्नि को सिद्ध करने के लिए एक कटोरी में थोड़े से गेहूं, जल के लिए छोटा-सा तांबे का लोटा, अग्नि के लिए घी का दीपक अपने साथ जरूर लाना है। साथ ही सूर्य के अनुकूल होने के प्रयोग में सहयोगी सुबह का नाश्ता एवं शाम को पेय पदार्थ दिए जाएंगे। इसके लिए थाली, गिलास, किचन नाइफ, नैपकिन और पानी की बोतल साथ लाना है। मां गार्गी ने बताया कि कैंप में पुरुष व महिलाएं सफेद या लाइट कलर के कपड़े पहनकर आएं।