देश में शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और सरकार की गलत नीतियों से बिगड़ती शिक्षण व्यवस्थाओं के विरोध में 1 से 15 सितंबर तक हिंदी भाषी राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह बात रविवार को गांधी शांति प्रतिष्ठान में एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव विक्रमसिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के चलते गरीब एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, केंद्र एवं राज्य सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ एसएफआई समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मंच सांझा कर जन आंदोलन करेंगे।
एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पूनिया ने कहा, राज्य की भाजपा सरकार ने 17 सौ स्कूलों को बंद कर दिया। स्कूलों व विश्वविद्यालय का भगवाकरण किया जा रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर एसएफआई के जिलाध्यक्ष एचआर भाटी, पूर्व छात्र नेता किशन मेघवाल और संजय माधव उपस्थित थे।