मथुरादास माथुर अस्पताल का ट्रोमा अस्पताल ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर बनेगा। इसका काम शुरू हो गया है। रोड एक्सीडेंट और गंभीर अवस्था में आने वाले मरीजों का ट्रोमा अस्पताल में त्वरित इलाज हो सकेगा। करीब 35 करोड़ की लागत से बन रहा ट्रोमा अस्पताल अब आकार लेने लगा है। पश्चिमी राजस्थान का यह पहला ट्रोमा अस्पताल रोड एक्सीडेंट और घायल अवस्था में आने वाले मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। ट्रोमा का कार्य मार्च 2018 से शुरू होना था, लेकिन एक माह की देरी से अप्रैल में शुरू हुआ। सितंबर 2019 तक इसका काम पूरा किया जाना प्रस्तावित है। ट्रोमा अस्पताल के लिए गत वित्तीय वर्ष में 35 करोड़ में से निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी को 7 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए हैं।
370 एमएम गेप के साथ बनेगी डबल ब्रिक वॉल| ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर बनने वाले ट्रोमा अस्पताल में डबल ब्रिक वाॅल 370 एमएम गेप के साथ बनाई जाएगी। इसमें अंदर की तरफ दीवार की थिकनेस 230 एमएम और बाहर की तरफ 300 एमएम रहेगी।
मथुरादास माथुर अस्तपाल में ट्रोमा अस्पताल का निर्माण कार्य इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है।
तीन मंजिला बनेगा, कई आधुनिक सुविधाएं होंगी
ट्रोमा अस्पताल का निर्माण 8856 स्क्वायर मीटर क्षेत्र में होगा।
बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन फ्लोर बनेंगे।
बेसमेंट में 140 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता होगी, जिनमें 40 फोर-व्हीलर और 100 टू-व्हीलर होंगेे।
ग्रांउड फ्लोर पर ऑपरेशन थियेटर, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, स्टोर, नर्स स्टेशन, ऑब्जरवेशन वार्ड, एमआरआई, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, ईसीजी, एक्स-रे रूम, वेटिंग लॉबी, एमओटी, फैक्चर रूम, रिसेंसटाइजेशन रूम, एग्जामिन क्यूब्स आदि का निर्माण किया जाएगा।
प्रथम मंजिल पर तीन ऑपरेशन थियेटर, पोस्ट ऑपरेटिव, प्री-ऑपरेटिव वार्ड, नर्स स्टेशन, दो आईसीयू आदि बनेगा।
द्वितीय मंजिल पर संबंधित विभाग के मेल-फिमेल वार्ड बनाए जाएंगे।
बेसमेंट, ग्रांउड फ्लोर के अतिरिक्त तीन मंजिला ट्रोमा अस्पताल में आर्थोपेडिक, सर्जरी, मेडिसिन विभाग के वार्ड, ओटी और एनेस्थिसिया विभाग के डॉक्टरों के चेंबर आदि का निर्माण भी होगा।