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अरबपति आंत्रप्रेन्योर का आइडिया मैकेनिज्म

3 वर्ष पहले
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महिलाओं और पुरुषों के लिए शेपवियर बनाने के लिए दुनियाभर में मशहूर स्पैंक्स की शुरुआत सारा ब्लैकली ने महज 3 लाख रुपए की पूंजी से की थी। आज यह 7.5 हजार करोड़ की कंपनी बन गई है। 2012 में फोर्ब्स ने उन्हें सबसे युवा सेल्फ मेड अरबपति माना था।

ड्रेस को लेकर असहजता ने उन्हें शेपवियर बनाने के लिए प्रेरित किया था। हाल ही में एक इंटरव्यू में सारा ने बताया कि उन्हें ये इनोवेटिव आइडिया ड्राइविंग के दौरान आते हैं। अक्सर वह ऑफिस जाने से पहले घंटे भर के लिए ड्राइविंग पर निकल जाती हैं। स्पैंक्स का नाम भी उन्होंने ऐसे ही ड्राइविंग के वक्त तय किया था। सारा बताती हैं कि ऑफिस में क्रिएटिव आइडिया नहीं आ सकते। अलग सोचने के लिए समय और स्पेस ड्राइविंग के दौरान ही मिल पाता है। सारा अकेली नहीं हैं, जिन्हें घूमने-फिरने के दौरान इनोवेटिव आइडिया आते हैं। स्टीव जॉब्स, जैक डॉरसे, मार्क जकरबर्ग, रिचर्ड ब्रैनसन और जेफ बेजोस को भी आइडिया अलग तरह से ही मिलते रहे हैं। जानिए उनके अनुभव...

सारा ब्लैकली

स्पैंक्स (रेवेन्यू- 7,500 करोड़ रु.)

रोजाना ऑफिस जाने से पहले 1 घंटे ड्राइव पर जाती हैं स्पैंक्स की फाउंडर सारा ब्लैकली; स्टीव जॉब्स को टहलते हुए आते थे इनोवेटिव आइडिया

ट्विटर के कोफाउंडर जैक डॉरसे और फेसबुक के जकरबर्ग को भी ऑफिस से बाहर घूमते हुए मिलते हैं आइडिया

वॉकिंग से ब्रेनस्टॉर्मिंग

स्टीव जॉब्स, एपल (रैवेन्यू- 18.58 लाख करोड़)

एपल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स को ज्यादातर आइडिया वॉक के दौरान आते थे। इसलिए वे ब्रेनस्टॉर्मिंग मीटिंग वॉक के दौरान ही रखते थे। ऑटोबायोग्राफी ‘स्टीव जॉब्स’ के लेखक वाल्टर आइजैक्सन बताते हैं कि उन्होंने जॉब्स को पैनल में भाषण के लिए आमंत्रित किया तो उन्होंने मना कर दिया। पर वे इवेंट में शामिल हुए ताकि घूमते हुए बात कर सकें। बातचीत में ही पता चला कि वह मुझसे ऑटोबॉयोग्राफी लिखवाना चाहते थे। ट्विटर कोफाउंडर जैक डॉरसे और फेसबुक सीईओ जकरबर्ग को भी वॉकिंग के समय मीटिंग पसंद है।।

दैिनक भास्कर, जोधपुर, सोमवार 21 मई , 2018

बातचीत से नए आइडिया

रिचर्ड ब्रैनसन, वर्जिन (रैवेन्यूू- 1.79 लाख करोड़)

वर्जिन ग्रुप के फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन कहते हैं कि अपने ब्लॉग सोशल प्लेटफॉर्म पर शेयर करता हूं ताकि बातचीत शुरू हो। लोग प्रतिक्रिया दें, शिकायतें करें तभी बात आगे बढ़ेगी। मुझे बड़े आइडिया बातचीत से ही मिले हैं। अगर आप इनोवेटिव आइडिया चाहते हैं तो बात करनी ही होगी। लोगों की उम्मीदों, हताशाओं और उनके दृष्टिकोण जानने होंगे, तभी कुछ नया कर पाएंगे। ब्लॉग शुरू करें, लोगों से मिलें, कैफे में जाएं, बहस छेड़ें। आप आंख-कान खुले रखते हैं तो निश्चित तौर पर बड़े आइडिया मिलेंगे।

अलग बैकग्राउंड फायदेमंद

जेफ बेजोस, अमेजन (रैवेन्यू- 12.09 लाख करोड़)

अमेजन सीईओ जेफ बेजोस दुनिया को लैब की तरह देखते हैं। हमेशा समस्याओं के समाधान ढूंढ़ने में लगे रहते हैं। बेजोस के मुताबिक अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले अनुभव नई सोच को जन्म देते हैं और इनोवेशन क्षमता बढ़ाते हैं। बेजोस के मुताबिक हमें अलग-अलग बैकग्राउंड वाले लोगों के साथ कुछ काम करना चाहिए। इससे हमारी सोच का दायरा बढ़ता है। जब आप विभिन्न लोगों, सर्विस और प्रोसेस से जुड़ते हैं तो आप पाएंगे कि सोच में रचनात्मकता बढ़ गई है।

शावर लेते हुए सोचते हैं

इलोन मस्क, टेस्ला (रैवेन्यू- 80 हजार करोड़)

टेस्ला और स्पेसएक्स सीईओ इलोन मस्क का कहना है कि सिर्फ समस्याएं हल करते जाना ही जिंदगी नहीं है। दो हफ्ते पहले ही टेड टॉक के दौरान मस्क ने कहा था कि मैं भविष्य की बेहतरी के बारे में सोचता हूं, इसलिए मुझे स्पेस फ्लाइट, इलेक्ट्रिक गाड़ियां और रिन्यूएबल एनर्जी जैसी फील्ड में काम करने का जुनून सवार रहता है। मैं हमेशा कोशिश करता रहता हूं कि चीजों को ग्रेट कैसे बनाया जाए। मस्क ने बताया कि शॉवर लेते समय भाप से घिरे होने के दौरान बेस्ट आइडियाज आते हैं।

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