जोधपुर| दैनिक भास्कर और अमर आदेश्वर इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से मनाए जा रहे भास्कर जोधपुर महोत्सव में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में हजारों श्रोताओं की भीड़ के बीच देश में नामचीन छह हास्य कवि एल्कोबेक्स मैटल्स ग्राउंड पर कविता पाठ कर रहे थे। श्रोताओं की वाहवाही व गूंज रही तालियों की गड़गड़ाहट ने कवियों का पूरा उत्साह बढ़ाया। जो अपनी प्रेम मनुहार, हास्य, शृंगार, वीर रस एवं शायरी से श्रोताओं को भाव विभोर कर रहे थे। कवियों ने राजनीतिक व्यंग्य भी कसे तो व्यवस्थाओं से उपजे हास्य को भी प्रस्तुत किया। श्रोता एक ही क्षण में हंसी से ओतप्रोत तो एक ही क्षण में सोचने पर मजबूर कर रहे थे। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ रही थी, वैसे-वैसे महफिल सजती गई। कवियों की नुकीले शब्द के बाण, प्रेम मनुहार, मोहब्बत की शायरी, प्रेम व स्नेह भरी आपसी खींच-तान, इसमें श्रोताओं ने खूब मजा लिया। महोत्सव के सह प्रायोजक सोना सिक्का और वसुंधरा हार्ट केयर पॉवर्ड बाय पार्टनर है।
अजनबी बाेले, मैं ही सबसे अच्छा
मंच संचालन कर रहे सुरेंद्र शर्मा ने पहला मौका महेंद्र अजनबी को दिया तो उन्होंने भी चुटकी ले ली, \\\"आप मेरे लिए तालियां बजा सकते हो क्योंकि मैं ही इन सबमें सबसे अच्छा हूं। फर्स्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन।\\\' महेंद्र ने नेताजी का ऐसा भाषण सुनाया कि श्रोता पूरी धरती का मानो चक्कर लगा आए। नेता वाटर टैंक का उद्घाटन करने आए थे। आप भी सुनिए नेताजी का वह भाषण...\\\"भाईयो, यह जो आप वाटर टैंक देख रहे हैं इसमें वाटर भरा जाएगा। टैंक तो हमारी फौज में भी होते हैं पर उसमें वाटर नहीं भरा जाता। वाटर यानी पानी, पानी दो प्रकार का होता है- एक साफ पानी दूसरा गंदा पानी.... ऐसा करते करते वे कमल का फूल, गुलाब का फूल, खरबूजा, जर्मनी, हिटलर, वर्ल्डवार, दुनिया गोल है, रसगुल्ला, प्यास और फिर पानी तक पहुंचे तो श्रोताओं का दाद भी शुरू होने लगी थी... उन्होंने नेताजी का भाषण खत्म किया... और उसी के लिए वाटर टैंक बनाया गया है। इसी तरह उन्होंने अखबारों की दो हैडलाइंस जोड़कर उपजे हास्य के प्रयोग से भी जोधपुर के सुधि श्रोताओं को खूब तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
माईक से बीवी नहीं, प्रेमी की तरह बिहेव कराे
सुरेंद्र शर्मा बीच-बीच में अपने खास पंच भी दे रहे थे। महेंद्र अजनबी को उन्होंने टोका, \\\"भाई माईक से बीवी की तरह नहीं, प्रेमी की तरह व्यवहार करो। थोड़ा और करीब जाओ।\\\' एक और पंच दिया, \\\"अमित शाह अगर त्रेता युग में होता तो धनुष कोई भी तोड़ता, ब्याही उसी से जाती।\\\' इसी तरह, \\\"मोदी देश को कांग्रेस मुक्त बनाना चाहते हैं और भाजपा कांग्रेस-युक्त होती जा रही है।\\\' पर भी श्रोताओं की हंसी नहीं रुकी।
लोगों में सेंसिटिविटी कम होने से डरने लगे हैं कवि
ऑडियंस में सेंसिटिविटी धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। आजकल कवि सम्मेलन में जाने से पहले ही कवि से यह कह दिया जाता है कि यह मत सुनाना, यह सुनाना। अब तो कवि भी कुछ बोलने से डरने लगे हैं। मैंने खुद ने भी इसी कारण सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। राजनीति के व्यक्ति केंद्रित होने से लोगों में सहनशक्ति खत्म हो रही है।
संपत सरल
ममता शर्मा आईं ताे-नेता गिरा रे वोटों के बीच बाजार मेंे...
ममता शर्मा ने शुरुआत ही श्रोताओं से जुड़ते हुए की, \\\"एक मोहल्ला जीवंत दिख रहा है तो दूसरा ऐसा मानो कर्नाटक से आया है।\\\' उन्होंने खुद को जोधपुर की बहू बताया और चीफ जस्टिस को प्रणाम करते हुए कविता सुनाई... \\\"चाहती हूं बस इतना इंतजाम हो जाए, वहशियों का हर किस्सा अब तमाम हो जाए, लड़कियां बुजुर्गों के पांव छूने से डरती हैं, जाने कोई बूढ़ा आसाराम हो जाए।\\\' \\\"नेता गिरा रे वोटों के बीच बाजार में...\\\' सुनाना शुरू किया तो श्रोताओं ने भी टेर \\\"फिर क्या हुआ...\\\' लगाई और जवाब ममता ने दिया, \\\"फिर.. फिर नेता गिरा रे नोटों के अंबार में...।\\\' ममता ने मीरा और कृष्ण के शृंगार रस से भरे छंद भी सुनाए।
संपत का हिसाब, बैंक का खाता अलग ढंग से खाता है
संपत सरल ने \\\"बैंक का खाता अलग ढंग से खाता है...\\\' में बैंकों द्वारा रोज-रोज नए चार्ज लेने पर सरल शब्दों में व्यंग्य किया। उन्होंने नेताओं की खरीद फरोख्त पर तंज कसा कि वह दिन दूर नहीं जब विधायक ऑनलाइन बिकेंगे तो बुजुर्ग नेता खुद को बेचने के लिए ओएलएक्स पर डाल देंगे। जोधपुर वह पवित्र भूमि है जहां जेलों तक में संत-महात्मा रहते हैं, इसलिए सब यहां आना चाहते हैं...।
ऑनलाइन बिकेंगे विधायक, बुजुर्ग नेता खुद को डाल देंगे ओएलएक्स पर: संपत सरल
प्रदीप चौबे के सवाल पर मिला जवाब, आप अंडे का भाव पूछ रहे हैं या देने का तरीका
मैंने विनीत से एक बार पूछा कि अगर पाकिस्तान नहीं होता तो देशभक्ति होती कि नहीं ? तो विनीत ने मुझसे सवाल के जवाब में ही पूछ लिया कि अगर देशभक्ति होती तो पाकिस्तान होता कि नहीं होता? कवि प्रदीप चौबे ने इसी तरह बातों ही बातों में मंच से हास्य रस पेश किया। उन्होंने कहा कि ये मंच पर बैठे कवि बार-बार आपसे ताली बजाने को कहते हैं, मैं पूछता हूं- क्या ये लोग ताली बजाने वाले हैं? चौबे ने सुनाया- मैं अंडे खरीदने गया, तो अंडे वाले से पूछा- आपने ये अंडे कैसे दिये? अंडावाला घूर कर बोला- भाव पूछ रहे हैं या तरीका? इसी तरह के छोटी-छोटी बातों से उन्होंने हास्य पैदा किया।
असली हास्य वहीं जो मन से, भीतर से निकले
असली हास्य रस वही है जो मन से, भीतर से निकल कर आए। हर कोई हंस भी नहीं सकता। आईक्यू वाला व्यक्ति ही हास्य का रस ले सकता है। सोशल मीडिया से लोगों का सेंस ऑफ ह्यूमर और हास्य बोध तो बढ़ा है, लेकिन उनकी तैयारी नहीं है कि लिख सकें, उसके लिए जिंदगी और किताबें पढ़नी पड़ती हैं। आज लोग बड़े एग्रेसिव हो रहे हैं। आज जो देश में माहौल है, यह न तो विचार की लड़ाई है, ना ही विचारधारा की।
सम्मेलन के अंत में सह प्रायोजक सोना सिक्का की ओर से शहीद प्रभुसिंह की प|ी के नाम 21 हजार रुपए का चेक प्रभुसिंह के भाई प्रयागसिंह को सौंपा गया।
महेंद्र अजनबी
साहित्य में बाजारुपन खतरनाक
कविता की कोई राजनैतिक प्रतिबद्धता नहीं होनी चाहिए। आजकल नेता, धर्म, कविता, साहित्य सभी के स्तर का पतन हुआ है। बाजार तक तो ठीक है लेकिन जब से साहित्य में बाजारुपन आया, तब से साहित्य का राजनीति और समाज में योगदान घटा है। ज्वाइंट फैमिली का कांसेप्ट खत्म हो रहा है। नई पीढ़ी अंग्रेजी में ही खोई हुई है, साहित्य से दूर भाग रही है। टीवी सीरियल परिवार तोड़ रहे हैं। वल्गर चीजों से क्राइम बढ़ रहा है। जब तक संस्कारवान शिक्षा बच्चों को नहीं दी जाएगी, तब तक इसमें सुधार नहीं आएगा।
महोत्सव के प्रायोजक अमर आदेश्वर इंफ्रास्ट्रक्चर हैं और सह प्रायोजक सोना सिक्का हैं। वसुंधरा हार्ट केयर पॉवर्ड बाय पार्टनर है। कार्यक्रम के सहयोगी जोधपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, होटल द उम्मेद, ओटा- ए हेरिटेज रेस्टोरेंट, पार्क बुटीक, विद्याश्रम इंटरनेशनल स्कूल, एनएस पब्लिसिटी, राजस्थान एडवरटाइजिंग, अमरगढ़ रिसॉर्ट, जोधाणा पब्लिसिटी, एवन टेंट हाउस, सोलंकी लाइट एंड साउंड, श्रीराम एसोसिएट एंड सिक्योरिटी, संजय स्टूडियो, गणपति साउंड, गैलेक्सी टूर्स एंड ट्रैवल्स, श्री चामुंडा ऑडियो एंड विजुअल और एटीबी सिक्यूरिटी हैं। रेडियो पार्टनर 94.3 माय एफएम है।
ये हैं भास्कर महोत्सव के सहयोगी
आज से मिलेंगे साबरी ब्रदर्स व गुरु रंधावा के प्रोग्राम के फ्री पास
भास्कर जोधपुर महोत्सव के तहत 23 मई को साबरी ब्रदर्स और 24 मई को पंजाबी पॉप सिंगर गुरु रंधावा परफॉर्म करेंगे। इन दोनों प्रोग्राम के निशुल्क पास आज से पहले आओ पहले पाओ आधार पर वितरित किए जाएंगे जो सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे के बीच निम्न स्थानों से ले सकेंगे।
1. दैनिक भास्कर, क्राउन प्लाजा, बासनी फ्लाईओवर के पास 2. दैनिक भास्कर सिटी ऑफिस, मानजी का हत्था, पावटा 3. अमर आदेश्वर, होटल द फर्न रेजिडेंसी के सामने, रातानाडा 4. संजय स्टूडियो, सरदारपुरा
सुरेंद्र शर्मा
ममता शर्मा
कविता खत्म नहीं होती, रूप बदलता है
आज का यूथ कविता पसंद तो करता है पर उसे जीता नहीं। वह बस आंशिक तौर पर ही कविताओं का लुत्फ लेता है। आज का यूथ भी कविता पसंद तो करता है लेकिन वह शब्दों को विजुअलाइज करना चाहता है। इसलिए चाहे कितना भी हाइटेक युग हो, कविताओं का कालखंड कभी भी खत्म नहीं हो सकता। हां, कविताओं का स्वरूप बदलता रहता है।
विनीत चौहान
कवि सरकार का स्थाई विपक्ष होता है
कहा जाता है कि कवि सरकार का स्थाई विपक्ष होता है लेकिन मैं इसे पूरा सत्य नहीं मानता। कोई कवि अगर 80 फीसदी सिस्टम की आलोचना करता है तो 20 प्रतिशत अच्छाई भी रखनी चाहिए। आज मुद्दा देखकर कवि व मीडिया दोहरा रवैया अपना लेते हैं। उन्नाव-कठुआ की घटनाओं के बाद मैं बिना भय के बोलता हूं कि भारत दुनिया में ऐसा अकेला ऐसा देश है जहां बहुसंख्यक अल्पसंख्यक से डरता है।
प्रदीप चौबे
तीखी बात भी सरलता से कहती है कविता
कवि तीखी बात भी सरल ढंग से कह देता है इसलिए कोई बुरा नहीं मानते। कविता से सोच तो मिलती है लेकिन बदलाव नहीं होता। पहले कविताएं सामाजिक संदेश देती थीं, लेकिन अब यह केवल और केवल मनोरंजन का साधन बनकर रह गई है। इसलिए अब कविता से क्रांति नहीं लाई जा सकती।