लूणी प्रधान को नहीं मिली राहत, याचिका खारिज
जोधपुर| फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट बनाकर चुनाव लड़ने और प्रधान निर्वाचित होने के मामले में नीरज कंवर के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को निरस्त के लिए दायर याचिका राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। इस मामले के अन्य आरोपियों को भी राहत नहीं मिल पाई। याचिकाकर्ता नीरज कंवर, किशनसिंह पंवार व मगसिंह की ओर से विविध आपराधिक याचिका दायर कर कोर्ट से आग्रह किया, कि उनके विरूद्व शास्त्रीनगर थाने में आईपीसी की धारा 420, 465, 467, 480 471, 472, 472, 474 सहित अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाए।
सरकार की ओर से उप राजकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया, कि प्रकरण में अनुसंधान पूर्ण हो चुका है तथा आरोपियों के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाया गया है। इसलिए एफआईआर निरस्त नहीं की जाए। शिकायतकर्ता बाबूराम की ओर से अधिवक्ता दिनेश जैन ने कोर्ट को बताया, कि पूर्व में भी लूणी प्रधान नीरज कंवर की याचिका कोर्ट से ख़ारिज हो चुकी है। आरोपियों की ओर से जान- बूझकर कूटरचित दस्तावेज बनाए गए हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सभी याचिकाएं खारिज कर दी। उल्लेखनीय है, कि पंचायत समिति लूणी में प्रधान का पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित था, लेकिन याचिकाकर्ता नीरज कंवर सामान्य वर्ग से होने के बावजूद फर्जी ओबीसी का प्रमाण पत्र बनवा लिया था।
एफआईआर निरस्त करने के लिए दायर की थी याचिका