गांव शाहपुर में जगमग योजना के विरोध में गांव के पंचायत भवन में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान पंचायत आयोजन किया गया। सेवानिवृत अध्यापक जसवंत सिंह ने पंचायत की अध्यक्षता की। बड़ी संख्या में महिलाओं ने आंदोलन को समर्थन किया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि बिजली निगम जुंडला का एसडीओ पुलिस बल लेकर उसका विरोध किया जाएगा। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि हमारा आंदोलन सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर गत 6 महिनों से लगातार चल रहा है। ऐसे में किसी अधिकारी द्वारा किसानों को उकसाने से बाज आना चाहिए। ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
इन नेताओं ने किया संबोधित
पंचायत को मुख्यतौर पर प्रदेशाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर, जिलाध्यक्ष यशपाल राणा औगंद, जिला संरक्षक महताब कादियान व जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान ने संबोधित किया। सभी किसान नेताओं एसडीओ की धमकी का विरोध करते हुए जेल में सामूहिक तौर पर जाने का ऐलान किया। ऐलान में यह भी कहा गया कि जेल में डालने के बाद ही यह योजना लागू हो सकती है। इसके लिए बिजली निगम के अधिकारियों ने पहल करनी पड़ेगी। भाकियू की किसान पंचायत में पहुंचे प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने ग्रामीणों की शिकायत सुनने के उपरांत कहा कि ऐसे किसी अधिकारी व कर्मचारी की घुड़की से भाकियू का कार्यकर्ता किसी प्रकार से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि मात्र बिजली के मुद्दों से जुड़े आंदोलनों में प्रदेश भर के 50 किसान अपने जीवन का बलिदान दे चुके हैं। आज भी बिजली निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर के साथ भाकियू के शिष्टमंडल के साथ 3 बार औपचारिक तौर पर अहम बैठकें आयोजित हो चुकी है। बहुत सारे मुद्दों पर सहमति भी बनती नजर आ रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ मुद्दों पर घोषणा हो सकती है। इस अवसर पर किसान नेता देशराज शाहपुर, निसिंग खंड प्रधान राज सिंह राणा, घरौंडा खंड प्रधान विनोद राणा, रामफल नरवाल नरुखेड़ी , युवा नेता सुरेंद्र बेनीवाल, रणबीर सिंह कतलाहेड़ी, वेद सुहाना, हिसम सिंह मौजूद रहे।
करनाल. किसान पंचायत में जगमग योजना के विरोध में नारेबाजी करते गांव शाहपुर के ग्रामीण।
किसानों की पंचायत में उठा बिजली कटौती का भी मुद्दा
रात के समय लगने वाले बिजली कटों का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया रात के समय कई कई बार कई घंटों के बिजली कट लगाए जा रहे है। जिसको लेकर ग्रामीण परेशान हैं। पंचायत में बिजली निगम के एसई एके रहेजा से इस समस्या को लेकर मुलाकात करने का निर्णय लिया गया।