स्टेट बैंक आफ इंडिया की जुई शाखा से लालावास निवासी गोपीराम के 46 हजार रुपये चुराकर एक बच्चा फरार हो गया। गोपीराम ने बैंक से एक लाख दस हजार रुपए निकलवाए थे। कैश मिलने पर उसे देखा तो उसमें आठ नोट खराब हालत में थे। जब उसने कैशियर से खराब स्थिति वाले नोट बदलवाने चाहे तो पीछे खड़े एक बच्चे ने 46 हजार रुपये निकाल लिए। मामला पता चलने पर पीड़ित व्यक्ति ने तुरंत मैनेजर का सूचित किया गया। मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी। बैंक के मुख्य दरवाजे को बंद करवा दिया गया। बैंक में जमा सभी लोगों की तलाशी ली गई। किसी के पास से चुराई गई रकम नहीं मिली। इस पर बैंक के सीसीटीवी खंगाले गए जिसमें एक छोटा बच्चा रुपये निकालकर भागता दिखाई दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित लालावास निवासी गोपीराम ने बताया कि लेनदेन के मामले में एक लाख दस हजार रुपये का चेक मिला था। चेक को उसने एक सप्ताह पहले जुई स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा में जमा करवा दिया। शुक्रवार को चेक क्लियर होने पर बैंक से रुपये निकलवाने गया तो कैशियर ने उसे एक लाख दस हजार रुपये दे दिए। संभालने पर उस कैश में आठ नोट फटी हुई हालत में थे तो गोपीराम ने उसे कैशियर को बदलने के लिए वापस दिए। इस दौरान उसने 60 हजार रुपये एक जेब में रख लिए वहीं दूसरी जेब में बाकी बचे हुए 46 हजार रुपये रख लिए। फटे नोट बदलवाने के बाद जब जेब पर हाथ रखा तो नकदी गायब मिले। उसने इस बात की सूचना शाखा प्रबंधक को दी। बैंक का मुख्य दरवाजा बंद करवाया गया और उपस्थित लोगों की तलाशी ली गई। चोरी हुए रुपये नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।
शिकायत मिलते ही की कार्रवाई
भारतीय स्टेट बैंक शाखा जुई प्रबंधक ललित कुमार ने बताया कि गोपीराम ने रुपये चोरी होने की बात बताते ही बैंक का मुख्य दरवाजा बंद करवा दिया गया। पुलिस को मामले से अवगत करवाते हुए सभी उपस्थित लोगों की तलाशी ली गई। बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध करवाए गए हैं। चोरी करने वाला बच्चा भागता दिखाई दे रहा है। ग्राहकों को अपने रुपये की जिम्मेवारी सजगता से निभानी चाहिए।
जांच शुरू कर दी है
जुई चाैकी प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि लालावास निवासी गोपीराम ने बैंक से रुपए चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई है। बैंक से सीसीटीवी फुटेज लिए गए हैं। पुलिस ने अज्ञात बच्चे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।