पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बिना टाेकन व रजिस्ट्रेशन खरीदी जुई खुर्द की सरसों खफा किसानों ने ऑक्शन रिकाॅर्डर को बनाया बंधक

बिना टाेकन व रजिस्ट्रेशन खरीदी जुई खुर्द की सरसों खफा किसानों ने ऑक्शन रिकाॅर्डर को बनाया बंधक

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शेड्यूल से हटकर दूसरे गांव की सरसों की सरकारी खरीद करने के विरोध में जुई कलां व जुई बिचली के किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर ऑक्शन रिकाॅर्डर को ढाई घंटे बंधक बनाया। सरसों की सरकारी खरीद 10 मई तक थी लेकिन जिस दिन बंद हाेनी थी उस दिन जुई कलां की सरसों खरीदी जानी थी। इस पर हैफेड ने किसानों की समस्या को देखते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि जिन किसानों को टाेकन व पंजीकरण हा़े चुका है उनकी सरसों खरीदी जाएगी।

साेमवार को जुई खुर्द के किसानों की सरसों बिना टाेकन व बिना पंजीकरण के खरीद ली। इतना ही नहीं जे फार्म की एंट्री तक 10 मई को दिखाई गई है, जबकि टोकन व पंजीकरण जुई कलां व जुई बिचली के किसानों को दिए गए थे। जब इस बात का पता जुई बिचली व जुई कलां के किसानों को पता चला तो वे सोमवार रात को ही मंडी पहुंच गए। किसानों ने इसकी जानकारी सरपंच रणबीर मलिक को दी। मंगलवार सुबह रणबीर व किसान मंडी कार्यालय पहुुुंचे व नारेबाजी शुरू कर दी। उस समय चेयरमैन व सचिव मंडी में नहीं थे। इस पर किसानों ने वहां पर उपस्थित ऑक्सन रिकाॅर्डर अशोक कुमार से खरीद संबंधी सवाल जवाब किए तो वह कुछ भी नहीं कह पाया। इस पर किसानों ने उसे कार्यालय में ही ढाई घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दाैरान उन्होंने उसे काम भी नहीं करने दिया। लगभग साढ़े 11 बजे किसान मंडी कार्यालय से चले गए व किसानों ने कहा कि वे बुधवार को डीसी से मिलकर मंडी में हो रही धांधली के बारे अवगत करवा कर उनकी जांच करवाने की मांग करेंगे।

विरोध जताने वालों में राजेश लांबा, भूपसिंह लांबा, नरेंद्र कुमार, राजबीर सिंह, विनोद कुमार, आजाद सिंह, रोशनलाल, रावत सिंह रापड़िया, मांगेराम, रामफल, अवन लांबा, राजकुमार, राजपाल, राजेंद्र सिंह, कपूर सिंह, विकास व नवीन समेत अनेक किसान थे। सरकार के अनुसार सरसों की सरकारी खरीद 10 मई तक की जानी थी। इसके बाद जुई मंडी में सोमवार को सरसों की सरकारी खरीद की गई तथा इसके लिए जे फार्म में 10 मई की एंट्री दिखाई हुई है। इससे पता चलता है कि सरसों की खरीद में किस स्तर तक की धांधली की गई है।

जुई मंडी में हैफेड एजेंसी के इंचार्ज राजकुमार ने बताया कि जिन किसानों का पंजीकरण दस मई या उससे पहले हो चुका है उनकी खरीद सोमवार तक की गई है। किसानों को टोकन देने का काम मार्केट कमेटी का है। एजेंसी ने उन्हीं किसानों की सरसों खरीदी है जिन्हें टोकन दिए गए थे।

कमेटी के चेयरमैन बंसीलाल श्योराण ने सरसों की खरीद के बारे में कहा उससे गलती हुई है। आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। डीसी डॉ. अंशज सिंह ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद दस मई तक थी। इसके बाद अभी तक खरीद के आदेश नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा हुआ है तो वे इसकी जांच करवाएंगे।

सरसों की अवैध बिक्री करवाने पर ऑक्शन रिकॉर्डर को बंधक बनाकर बैठे किसान।

खबरें और भी हैं...