निमाड़ लोक न्यास द्वारा पं. रामनारायण उपाध्याय के जन्म शताब्दी कार्यक्रम के तहत आयोजित साहित्यिक महाकुंभ का रविवार को दादा की जन्म स्थली कालमुखी में साहित्य साधकों को गणगौर व संत सिंगाजी सम्मान के साथ समापन हुआ। यह सम्मान वर्ष 2016 से 2018 के लिए दिया गया। इस मौके पर इन विभूतियों ने काव्य रचनाओं का पाठ किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने सिंगाजी की ज्योत प्रज्ज्वलित की। न्यास की सदस्य डॉ. सुमन चौरे ने रामा दादा के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। न्यास अध्यक्ष शिशिर उपाध्याय एवं कार्यकारिणी पदाधिकारियों ने साहित्य विभूतियों का सम्मान किया। इनमें लोक संस्कृति विद् एवं साहित्यकार डॉ. पूरणमल सुहाग मल मनासा, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के डॉ. शैलेंद्र शर्मा, निमाड़ी एवं हिंदी कवि सुरेश कुशवाहा तथा लघु कथाकार डॉ. वरद मूर्ति मिश्र (जिपं सीईओ खंडवा) का शॉल-श्रीफल एवं पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया गया। इनके अलावा स्थानीय सामाजिक संस्थाओं से जुड़े 16 पदाधिकारियों का भी सम्मान किया गया। राम दादा पर केंद्रित पुस्तिका रंग संस्कृति का लोकार्पण अतिथियों ने किया। संचालन गोविंद नारायण शर्मा ने किया। काव्य पाठ का आरंभ सतना निवासी कवि एवं मातपुर के प्रधान पाठक दिलीप मिश्रा ने अपनी रचना निमाड़ की धरती, तुझे प्रणाम करता हूं... से किया। इसके बाद अतिथि साहित्यकारों ने भी रचना पाठ किया।
पं. रामनारायण उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह का कालमुखी में समापन, काव्य रचनाओं का पाठ किया
कालमुखी में सोमवार को साहित्य साधकों को गणगौर व सिंगाजी सम्मान से नवाजा गया।