भागवत कथा सुनना टायम पास करने का जरिया नहीं अपितु भगवान श्रीकृष्ण की इस कथा को सुनने से मनुष्य में सकारात्मक भावना पनपती है। भागवत कथा में प्रत्येक समस्या का हल छिपा हुआ है। इसलिए इस कथा को श्रद्धाभाव से सुनना चाहिए। यह उपदेश सोमवार को चंबल कॉलोनी में चल रही भागवत कथा में वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक सतीश चंद्र शास्त्री श्रद्धालुओं को सुना रहे थे। भागवत कथा में परीक्षत की भूमिका ऊंकारलाल-रामदुलारी हरदैनियां निभा रहे हैं।
शास्त्रीजी ने बताया कि भागवत कथा का मुख्य उद्धेश्य मनुष्य के अंदर अच्छे विचारों का निर्माण करना है। क्योंकि विचारों से ही सृष्टि का निर्माण होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि समाज के लोग न केवल संयम से रहें, बल्कि गंदगी, बीमारी, अशिक्षा, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूणहत्या जैसी कुप्रथाओं को समाज से दूर में योगदान करें। इस अवसर पर श्रीनिवास हरदैनियां, ज्ञानेंद्र, देवेंद्र एडवोकेट दिनेश चंद्र आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।