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मंत्री के ये कैसे आदेश: ग्रीवांस कमेटी मीटिंग में पांच को किया था सस्पेंड, हुआ एक भी नहीं

3 वर्ष पहले
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अधिकारियों व कर्मचारियों को मामूली लापरवाही पर तुरंत एक्शन लेकर सस्पेंड करने वाले खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री के ये कैसे आदेश कि 11 मई कैथल ग्रीवांस मीटिंग में एसडीओ समेत पांच कर्मचारियों को सस्पेंड किया था लेकिन आज तक एक भी सस्पेंड नहीं हुआ है। एसडीओ वेदपाल तो हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आए जबकि स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मचारियों में से एक भी आज तक कोई सस्पेंशन आर्डर नहीं आए हैं।

चारों कर्मचारियों ने डीसी से मुलाकात कर खुद को बेकसूर बताया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों अनुसार स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मामलों की जांच विभाग द्वारा गठित कमेटी ही कर सकती है। दूसरे डिपार्टमेंट के अधिकारियों से नियमानुसार जांच करना गलत है। बता दें प्रसव के दौरान महिला के इलाज में लापरवाही बरतने व बाद में बच्ची की मौत के मामले में मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य विभाग मेंं कार्यरत सीएचसी कौल की स्टाफ नर्स अनारकली, कैथल अस्पताल की स्टाफ नर्स गुरमेलो देवी, एंबुलेंस चालक शिव कुमार तथा एमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) विकास शर्मा को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे।

कैथल | डिप्लोमा इंजीनियरिंग मांगांे को लेकर प्रदर्शन करते हुए।

पिछली ग्रीवांस मीटिंगों में भी विज के तीखे तेवर

n अनिल विज ने 13 अक्टूबर 2017 को कैथल में पहली बार जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। तारागढ़ गांव के बुजुर्ग सुंदर की शिकायत पर अनिल विज ने निशानदेही के लिए पैसे लेने के आरोप में सस्पेंड किया था।

8 दिसंबर को दूसरी मीटिंग में पहुंचे अनिल विज ने स्ट्रीट लाइटों से केबल न हटने से खफा होकर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। नगर परिषद ईओ विक्रम सिंह को फटकार लगाते विज ने कहा था परिषद के एक भी खंभे पर केबल तार मिली तो ईओ वहीं से खुद को सस्पेंड समझें।

तीसरी मीटिंग 9 फरवरी को अनिल विज ने ली। भूना निवासी कृष्ण कुमार ने जंगल की भूमि से मिट्टी उठाकर बेचने का गांव के सरपंच पर आरोप था। विज ने फर्जी खातों में पैसे डालने, गलत रिकॉर्ड तैयार करने वाले पटवारी-कानूनगो व गलत कनेक्शन देने वाले कर्मियों पर केस के आदेश दिए थे।

मार्च की ग्रीवांस मीटिंग में विज पहुंचे थे, किसी को सस्पेंड की कार्रवाई नहीं की।

13 अप्रैल की मीटिंग में मंत्री विज ने सिविल अस्पताल की शिकायतों पर सीएमओ डाॅ. अशोक चौधरी का तबादला करने के आदेश दिए। कहा था कि आप सीएमओ के लायक नहीं हो।

11 मई की मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री ने पब्लिक हेल्थ के एसडीओ वेदपाल तथा स्वास्थ्य विभाग की दो नर्सों समेत चार को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे।

डीएसपी बोले- जांच व कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

पब्लिक हेल्थ एसडीओ वेदपाल के साथ दफ्तर में की मारपीट का मामला पुलिस की जांच प्रक्रिया में उलझकर रह गया है। घटना के 10 दिन बाद भी नगर पालिका सचिव समेत किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस ने नहीं की है। दूसरी तरफ एसडीओ के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर रही डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन विधायक के खिलाफ केस दर्ज कराने व मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ी है। लेकिन पुलिस प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करने से कतराता नजर आ रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ग्रीवांस कमेटी में विभाग के चार कर्मचारियों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड करने के आदेश दिए हुए हैं। लेकिन इस संबंध में कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। डाॅ. नीलम कक्कड़, डिप्टी सिविल सर्जन।

पब्लिक हेल्थ एसडीओ के साथ मारपीट मामले में नपा गुहला सचिव अशोक कुमार समेत 3 को नामजद कर केस दर्ज किया है। अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। सुलतान सिंह, डीएसपी, गुहला।

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