शहर में समाज सेवा का काम कर रही जीवन रक्षक दल संस्था अलग प्रयास कर रही। जिन सड़ी-गली लावारिस लाशों को कोई छूने तक तैयार नहीं होता उनका यह विधि विधान से अंतिम संस्कार करवाती है और पदाधिकारी हर एकत्र हुए फूलों को हरिद्वार जाकर गंगा में प्रवाहित करते हैं। संस्था अप्रैल 2017 से अब तक 18 लाशों को मुक्ति दे चुकी है। संस्था प्रधान राजू शर्मा डोहर बताते हैं कि पहले नगर परिषद अंतिम संस्कार करती थी लेकिन वो मुर्दाघर से लाश लेकर सिर्फ जला देते थे। लाशों का सही विधि से अंतिम संस्कार नहीं होता था। कई बार तो उनको अधजली लाश मिली। उनको दोबारा पूर्ण जलवाया। करीब तीन साल पहले गांव के भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर की मौत हो गई थी वह लावारिस था।
उसका न भट्ठा मालिकों ने संस्कार किया न ग्राम पंचायत व ग्रामीण संस्कार को तैयार हुए। मजदूर का संस्कार विधि पूर्वक से किया गया। इसके बाद साथियों के सहयोग से पूरे साल में जीवन रक्षक दल का गठन किया। 28 सदस्यों से शुरुआत की थी। अब 32 हो गए हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य मात्र लावारिस लाशों का संस्कार करना है। इस 28 मई को संस्था के सदस्य हरिद्वार में अब तक एकत्रित किए हुए फूलों को लेकर जाएंगे।
आगे आई संस्था
28 मई को हरिद्वार लेकर जाएंगे सभी की अस्थियां, विधि विधान से किया जाएगा संस्कार, भट्ठा मजदूर के शव की बेकद्री से मिली प्रेरणा
कैथल|अस्थि कलश बांधते हुए संस्था के सदस्य।
शहरवासियों की भी लेते हैं मदद: संस्था सदस्य सुरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि प्रति वर्ष हर सदस्य 1100 रुपए देता है। इसके अलावा शहर के लोगों से सहयोग लिया जाता है। एक शव के संस्कार में करीब साढ़े तीन हजार रुपए खर्च आते हैं। हर सदस्य अपने काम के बाद समाज सेवा के कामों के लिए समय निकालते हैं।
रक्तदान शिविर में भी हमेशा आगे
सोनू वर्मा ने बताया कि युवाओं को जागरूक कर दो बार रक्तदान शिविर लगा चुके हैं। जब भी जरूरत होती है सदस्य बीच में भी रक्त देने के लिए हर समय तैयार रहते हैं।
कन्याओं की शादियों में किया सहयोग : रामसिंह क्योड़क ने बताया कि संस्था ने जरूरतमंद कन्याओं की शादी में सहयोग किया है। नंदीशाला में 600, नरड़ गांव व डोहर गांव में पौधे रोपित कर चुके हैं। काकौत गांव में जरूरतमंद 250 विद्यार्थियों को जर्सियां बांटी गई है।
12 घायलों को पहुंचाया अस्पताल : सुभाष सैनी ने बताया कि सदस्यों द्वारा सड़क दुर्घटना में 12 लोगों को अस्पताल पहुंचाया है। जिससे उनकी जान बचाने का काम किया है। इसके लिए आमजन को भी जागरुक कर रहे हैं।