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ठेकेदार दिग्विजय पहले भी दो एसडीओ के खिलाफ दे चुका भ्रष्टाचार की शिकायतें, जांच में मिली थी फर्जी

3 वर्ष पहले
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पब्लिक हेल्थ एसडीओ वेदपाल के खिलाफ शिकायत देने वाले ठेकेदार ने इससे पहले भी विभाग के दो एसडीओ व एक जेई के खिलाफ शिकायत देकर रिश्वत के आरोप लगाए थे। एक केस में जब एसडीओ पर लगाए आरोप झूठे मिले और एसडीओ के साथ मारपीट में केस दर्ज हुआ तो ठेकेदार ने माफी मांगकर समझौता कर लिया था।

ग्रीवांस कमेटी मीटिंग में अनिल विज के समक्ष शिकायतकर्ता को हेबच्युल बताते हुए एसडीओ वेदपाल ने अपना पक्ष रखने की कोशिश की थी। लेकिन मंत्री ने उन्हें मौका ही नहीं दिया। भास्कर ने मामले की पड़ताल कर जाना तो उक्त ठेकेदार द्वारा दो एसडीओ व एक जेई के खिलाफ शिकायतें दी हुई पाई गई।

केस एक : ठेकेदार दिग्विजय ने 26 फरवरी 2018 को शिकायत दी कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी उपमंडल नंबर 4 कैथल में एसडीओ कर्मबीर सिंह व जेई तरसेम लाल भ्रष्टाचार में जुटे हैं। उक्त अधिकारियों को जो 15 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पैसे दे देता है ये दोनों उसी के फर्जी कोटेशन व अन्य कागजात तैयार कर भेज देते हैं। आरोप था कि मेरे से भी प्रसेंटेज लेने की कोशिश की गई। मैंने मना किया तो दोनों द्वारा एक टेंडर की कोटेशन भी मेरी नहीं ली।

शिकायत एसई व एक्सईएन को मेल की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसडीओ कर्मबीर ने चीका में भ्रष्टाचार फैला रखा है। ठेकेदार ने इसकी शिकायत ग्रीवांस कमेटी चेयरमैन, प्रमुख अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचकूला, चीफ इंजीनियर, एसई व एक्सईएन को भेजी। शिकायतकर्ता ने बाद में कोई कार्रवाई ही नहीं करवाई। बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कहते हुए ठेकेदार काम निकलवा रहा है।

केस दो : ठेकेदार दिग्विजय ने 16 नवंबर 2016 को डीसी कैथल को शिकायत देकर एसडीओ एचके बुटानी पब्लिक हेल्थ पर 20 प्रतिशत रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। बताया था कि ट्यूबवेल व मोटर के कार्य के लिए टेंडर नेट पर लगने थे। जब उसने ठेकेदार से बात की तो उसने 20 प्रतिशत रिश्वत मांगी। जबकि उन्होंने चहेतों के ये कार्य कुटेशन पर भेज दिए। उसने कार्यालय से उसे निकाल दिया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस कराने की धमकी दी।

शिकायतकर्ता ने डीसी से मांग की थी कि एसडीओ के खिलाफ रिश्वत मांगने व दुर्व्यवहार करने की कानूनी कार्रवाई की जाए। डीसी ने जांच एसई पब्लिक हेल्थ को सौंपी थी। जांच में मामला फर्जी निकला था। बल्कि ठेकेदार ने एसडीओ के साथ मारपीट की थी। जिस पर एसडीओ की शिकायत पर पुलिस में केस दर्ज हुआ था। बाद में माफी मांगने पर समझौता हुआ था।

कैथल | लघुसचिवालय में हड़ताल पर बैठे इंजीनियरिंग डिप्लोमा कर्मचारी।

चौथे दिन भी लघुसचिवालय परिसर में प्रदर्शन

एसडीओ वेदपाल के समर्थन में पिछले दिनों से लघुसचिवालय परिसर में धरना दे रहे डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन सदस्यों ने चौथे दिन गुरुवार को भी मंत्री व विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। एचएसईबी डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के जिला प्रधान शमशेर सिंह, सकसं जिला सचिव जरनैल सिंह, पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल यूनियन के ओमपाल, डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के रणधीर मेहरा, विवेक गुप्ता, ईश्वर ढांडा, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से राज्य सचिव सतबीर गोयल, रामपाल शर्मा, जनवादी महिला समिति से रामकली जांगड़ा, बार एसोसिएशन के प्रधान आरसी गोयल समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने मंत्री अनिल विज को तानाशाही बताया। डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन की ओर से गुरुवार को डीसी के माध्यम से ज्ञापन सीएम को भेजा। प्रधान देवेंद्र रंगा ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि मामले की जांच कराकर मंत्री अनिल विज व विधायक कुलवंत बाजीगर पर कार्रवाई की जाए। उन्हें पदों से हटाया जाए।

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