एंबुलेंस रेफरल सेवा के केंद्रीयकरण के विरोध में एनएचएम कर्मचारी मंगलवार को रोष स्वरूप काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे। मांग पूरी न हुई तो बुधवार को काम का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं ही जारी रहेगी। सरकार को मांग पूरी करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। 31 मई से सभी कर्मचारी दो दिवसीय पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। सीएमओ को ज्ञापन देने पहुंचे हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान हरदीप सिंह ने कहा कि संघ ने 17 मई को पत्र जारी करते हुए रेफरल ट्रांसपोर्ट सर्विस के केंद्रीयकरण पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। इसी मुद्दे पर रविवार को सोनीपत में संघ की राज्य स्तरीय बैठक हुई थी जिसमें कर्मचारियों ने क्रमबद्ध हड़ताल करने का फैसला लिया है। इस दौरान तेजपाल, सुभाष, डीपीएम राजराणा, रीना ढुल, पूनम गुगलानी, नवीन, नसीब, तेजपाल, कुलदीप, विकास, शिव आदि मौजूद रहे।
ये हैं मांगें : 1. एंबुलेंस सेवा के केंद्रीयकरण के नाम पर आउटसोर्सिंग में धकेलने पर तुरंत रोक लगे।
2. नई भर्ती की जाए और कर्मचारी को भविष्य में आउटसोर्स न करने का लिखित आश्वासन दिया जाए।
3.सेवा नियम में संशोधन किया जाए, संशोधन कमेटी में संघ के 2 प्रतिनिधि लें।
4. सूचना सहायकों पर डिजिटल इंडिया के नाम पर हर कार्य थोपना बंद किया जाए। 5. सेवा नियम लागू करते समय समझौता हुआ था कि सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर ही एनएचएम कर्मचारियों के सेवा नियम बनाए जाएंगे।
6. सभी एनएचएम कर्मियों को स्थाई सेवा सुरक्षा दी जाए।
7. जो कर्मचारी सेवा नियम लाभ से वंचित रह गए थे उन्हें सेवा नियम लाभ दिया जाए।
8. हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा संयोजन संबंधित आदेश जारी किए जाए ।
सीएमओ को ज्ञापन सौंपते एनएचएम।