कुराड़ गांव स्थित बाबा महीरावल डेरे में बाबा प्रसन्न पुरी 42 डिग्री तापमान में पांच धुनों के बीच सिर के बल घोर तप कर रहे हैं। तपस्वी बाबा का दावा है कि 12 सौ वर्ष बाद इस प्रकार की तपस्या की जा रही है। विश्व शांति के लिए उन्होंने इस पद्धति को अपनाया है। बाबा शिखर दोपहर में 12 बजे से 1.30 बजे तक तपस्या करते हैं तथा तपस्या का उनका 24वां दिन है व 41 दिन तक चलेगी। इनका कहना है कि 6 वर्ष पूर्व उन्होंने गृहस्थ जीवन का त्यागकर तपस्वी का जीवन शुरू किया। तभी से वे विश्व शांति और सद्भावना के लिए तप का मार्ग अपना रहे हैं। त्वचा की सुरक्षा के लिए बाबा शरीर पर भभूत का लेप करते हैं।
कलायत: कुराड़ गांव में सिर के बल तप करते बाबा प्रसन्न पूरी|