टेंडर अलॉट, एजेंसी को डेढ़ साल में लगाने होंगे 9 एसटीपी
सिटी रिपोर्टर | पंचकूला
पंचकूला नगर निगम के एरिया में आने वाले 14 गांवों के लिए नौ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए एमसी ने टेंडर अलॉट कर दिया है। एसआर पर्यावरण इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को इन गांवों में एसटीपी लगाने का ठेका अलॉट किया गया है। अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन, अमरूत के तहत यह एजेंसी 48.11 करोड़ रुपए में इन गांवों में एसटीपी लगाएगी। एजेंसी को डेढ़ साल में इन गांवों में एसटीपी लगाने होंगे।
टेंडर अप्रूवल के लिए बनी स्टेट लेवल टेक्निकल कमेटी की मीटिंग में एसटीपी लगाने के लिए आए टेंडर पर चर्चा के बाद एसआर पर्यावरण इंजीनियरिंग को टेंडर अलॉट करने का फैसला हुआ। हालांकि तय रेट से 14 परसेंट ज्यादा रेट आने पर कमेटी के मेंबर्स नए सिरे से आवेदन मांगने के पक्ष में थे। इस प्रोसेस में छह-सात माह ओर लग जाते। गांवों के सीवरेज सिस्टम में सुधार के लिए इस टेंडर को आखिरकार मंजूरी दे दी गई। गुड़गांव में भी एसटीपी बनने हैं। वहां एसटीपी लगाने के लिए कमेटी को तय रेट से 40 परसेंट ज्यादा रेट के आवेदन मिले थे। इसे कमेटी ने रिजेक्ट कर नए सिरे से आवेदन मांगने का फैसला किया।
अमरूत योजना के तहत नगर निगम पंचकूला के अंतर्गत पड़ने वाले 14 गावों में निगम एसटीपी बनवाने जा रहा है। इनमें से चार गांव कालका में आते हैं। रामगढ़ गांव में 10426 मीटर, टोका में 2805 मीटर, खंगेसरा में 3800, जलौली में 3442, नग्गल में 3405 मीटर, अलीपुर में 4015 मीटर, खटौली में 9651 मीटर, कोट में 4999 मीटर, सकेतड़ी में 7784 मीटर सीवर लाइन डाली जाएगी। इसके अलावा बिल्ला, मट्टावाली, भानू में 6100, सुखदर्शनपुर में 3941 मीटर सीवर लाइन भी डाली जानी है। कालका विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले बिटना, कांगूवाल, टिपरा, भैरों की सैर में ट्रीटमेंट प्लांट है। सीवरेज लाइन बिछाकर सीवरेज को इस ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाएगा। कुल 87 किलोमीटर पाइपलाइन डालकर इन गांवों में सीवरेज की व्यवस्था की जाएगी।
बिल्ला में 600 केएलडी, कोट में 750, टोका, खंगेसरा में 360-360 केएलडी, सुखदर्शन पुर में 720 केएलडी, खटौली में 690 केएलडी, नग्गल व अलीपुर में 460-460 केएलडी के एसटीपी प्लांट लगेंगे। अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के अफसरों की 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी। इसमें रूरल एरिया में डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी होने पर भी चर्चा हुई। सरकार को रूरल एरिये से लगातार समस्याओं की भरमार होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। सीएम ने इस गंभीरता से लेते हुए नगर निगम को गांवों की डेवलपमेंट पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मीटिंग में कहा कि सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही है कि नगर निगम एमसी एरिये में आने वाले गांवों की डेवलपमेंट पर ध्यान नहीं दे रहा है। सीएम ने अर्बन एरिये की तरह रूरल एरिये में भी वहां रहने वाले लोगों को सभी मुलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। पंचकूला के अलावा करनाल, रोहतक, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, अंबाला, यमुनानगर, गुरुग्राम और हिसार के नगर निगम कमिश्नरों को भी अपने एरिये में रूरल एरिये की सड़कों की उचित मेंटेनेंस व अन्य मुलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन नगर निगमों के कमिश्नर से भी 23 अप्रैल तक एस्टीमेट मांगें गए हैं।
मार्च, 2010 में 42 गांवों में पंचकूला नगर निगम में शामिल किया गया था। एमसी एरिये में शामिल होने के बाद इन गांवों में रहने वाले लोगों को भी अर्बन एरिये की तरह मुलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन गांवों में लोगों को आज भी मुलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हंै। हालत यह है कि इन गांवों में अभी तक न सीवरेज की व्यवस्था हैं और न पीने के पानी की उचित व्यवस्था है। कुछ गांवों में आज भी लोग मटकों या अन्य बर्तनों में पानी भरकर लाते हैं। इन गंवा में सीवरेज तक की व्यवस्था नहीं है। निगम के अधीन आने वाले कालका-पिंजौर के करीब 30 गांवों की हालत काफी खराब हैं।
पंचकूला नगर निगम में आने वाले 14 गांवों के लिए 9 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर एजेंसी खर्चेगी 48.11 करोड़ रुपए
23 अप्रैल तक भेज सकते हैं प्रस्ताव और एस्टीमेट
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नगर निगम एरिया में आने वाले गांवों में मुलभूत सुविधाओं की कमी पर एतराज जताया है। पंचकूला नगर निगम को इन गांवों में जल्द से जल्द सड़कों की मेंटेनेंस के साथ अन्य मुलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। रूरल एरिया की डेवलपमेंट के लिए फंड की जरूरत होने पर एमसी 23 अप्रैल तक प्रस्ताव व एस्टीमेट बनाकर मंजूरी के लिए अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट को भेज सकता है।
निगम में आने के बाद पिंजौर-कालका में धीमी हुई डेवलपमेंट की स्पीड... कालका की विधायक लतिका शर्मा ने 17 सितंबर, 2017 को सीएम को लेटर लिखकर पिंजौर कालका को पंचकूला एमसी से अलग कर यहां नगर पालिकाओं का गठन करने की मांग की थी। उनका आरोप है कि पंचकूला नगर निगम में आने के बाद से कालका व पिंजौर में डेवलपमेंट कामों की रफ्तार धीमी हो गई है। लोग रोजाना विभिन्न समस्याओं को लेकर उनके यहां आते हैं जोकि एमसी से संबंधित हैं। एमएलए लतिका शर्मा ने सीएम को लिखे लेटर में स्पष्ट किया था कि अगर एमसी ने कालका व पिंजौर की डेवलपमेंट पर ध्यान न दिया तो अगले चुनावों में पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।