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सरकारी दफ्तरों से लेकर पिछले साल डिक्लेयर किए सेंसेटिव जोन में अभी से मिलने लगा डेंगू का लारवा
हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से जिन घरों या सरकारी महकमों में बार बार चेकिंग करने के बाद भी लारवा मिले, उन्हें नोटिस दिया जाता है। इसके बाद नगर निगम उन घरों और दफ्तरों पर फाइन भी लगाना होता है। लेकिन पंचकूला में सिर्फ नोटिस तक ही बात सीमित है। इसके बाद नगर निगम की ओर से किसी को भी फाइन तक नहीं लगाया जाता। इससे उन घरों और दफ्तरों में दोबारा से हेल्थ डिपार्टमेंट को लारवा भी मिलता है। ऐसे में इस साल भी अभी तक नगर निगम की ओर से फाइन चार्ज करने के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा।
आरडब्ल्यूए ने डीसी को दी शिकायत-लारवा पर कंट्रोल पाने के लिए निगम करे हेल्थ डिपार्टमेंट का सहयोग
सेक्टर 6 के जिम खाना क्लब में बंद पड़े स्विमिंग पूल में भी लारवा की भरमार
पिछले साल डिपार्टमेंट के नोटिस देने के बाद निगम ने नहीं काटा किसी का चालान
हेल्थ रिपोर्टर|पंचकूला
पंचकूला में डेंगू के मच्छरों का लारवा अभी से मिलने लगा है। सरकारी महकमे हो या पिछले साल डिक्लेयर किए गए सेंसेटिव एरिये, हर कहीं से स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अभी से लारवा मिलने लगा है, जिससे इस बात की ओर इशारा हो रहा है कि अब आने वाले दिनों में डेंगू और मलेरिया के पिछले साल से ज्यादा लोग बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल पिछले साल से ज्यादा और टाइम से पहले लारवा मिलने लगा है। वहीं, अब अगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही बरती गई तो इसका खामियाजा पंचकूला के लोगों को ही भुगतना पड़ेगा।
पंचकूला में इस साल सरकारी दफ्तरों में डेंगू के मच्छरों का लारवा मिलने लगा है। इसमें सबसे ज्यादा सेक्टर 6 की सरकारी प्रिंटिंग प्रेस से लेकर सेक्टर 6 के ही जिम खाना क्लब के स्वीमिंग पूल भी शामिल है। प्रिंटिंग प्रेस में एक बार नहीं, विभाग की टीम काे कई बार लारवा मिला है। इसके बाद वहां तैनात कर्मचारियों को भी साफ सफाई करने के लिए कहा गया, लेकिन अभी भी यहां ऐसा ही हाल है। वहीं, सेक्टर 6 में जिम खाना क्लब के स्वीमिंग पूल में भी भास्कर टीम को लारवा मिला है। इस स्वीमिंग पूल में पिछले साल भी लारवा मिला था और उसके बाद इस साल भी यहां मैनेजमेंट की ओर से कोई सावधानी नहीं बरती जा रही। अभी तो स्वीमिंग पूल शुरू भी नहीं हुआ है। यहां कंस्ट्रक्शन चल रही है और जल्द ही काम पूरा होने वाला है। जिसके चलते आधे पूल में पानी छोड़ा गया था। इस पूल को न तो चलाया गया और न ही खाली किया गया, जिससे कई दिनों से पानी खड़ा होने के बाद अब इसमें मच्छरों का लारवा बनने लगा है। पंचकूला में अभी से लारवा और मच्छर मिलने के बाद अब अलग-अलग सेक्टरों की आरडब्ल्यूए ने डीसी को शिकायत दी है। इसमें सेक्टर-15 रेजीडेंट वेलफेयर एसो. के प्रधान सुनील विशिष्ट, सेक्टर 8 के प्रधान आरपी मलहोत्रा, सेक्टर 26 के प्रधान एसपी कोरपाल भी शामिल हैं। इसमें उन्होंने पंचकूला में बढ़ते मच्छरों और मिलने वाले लारवा पर कंट्रोल पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को ग्राउंड पर काम करने के लिए कहा है। इसके अलावा उन्होंने डीसी पंचकूला को ये भी बात कही कि इस साल निगम की ओर से भी हेल्थ डिपार्टमेंट को सहयोग देना चाहिए।
सिर्फ नाम के देते हैं नोटिस, नहीं कटता चालान
ऐसे में कैसे रुकेगा डेंगू
पंचकूला में सबसे ज्यादा सेंसेटिव एरिया ओल्ड पंचकूला, रीवर बैड एरिया और कालका, पिंजौर को डिक्लेयर किया गया है। इस साल अब कालका के एरिया से भी टीम को लारवा मिलना शुरू हो गया है। वहीं, ओल्ड पंचकूला में भी अभी से लोग मच्छरों से परेशान होने लगे है। नग्गर खेड़ा यूथ क्लब के प्रधान साहिल नाहर ने बताया कि पिछले साल सबसे ज्यादा डेंगू और मलेरिया के मरीज आेल्ड पंचकूला से आए थे। इसके बाद इस साल भी अभी से एरिया में मच्छर पनपने शुरू हाेे गए हैं। अभी तक तो विभाग की कोई भी टीम यहां नहीं दिखी।
सीएमओ डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि अभी ऐसे मच्छर नहीं हैं। हमारी टीमें फील्ड में काम कर रही हंै। जहां भी पानी में लारवा टाइप कुछ मिल रहा है उसे टीम डिस्ट्रॉय कर रही है। एमसी को इस साल फिर से बोला गया है काम करने के लिए। अब नोटिस देने के बाद चालान काटना एमसी की जिम्मेदारी है। सीएमओ, डॉ. योगेश शर्मा
सेक्टर-6 जिमखाना में स्वीमिंग पूल में पानी छोड़कर न तो इसे चलाया गया और न ही खाली किया गया। इससे कई दिनों से पानी खड़ा होने के बाद अब इसमें मच्छरों का लारवा बनने लगा है।