पिंजौर|पिंजौर में जाम और ट्रैफिक अवरुद्ध रहने की समस्या लंबे अरसे से लगातार चली आ रही है जिसके लिए प्रशासन ने कई बार कदम उठाकर देख लिए लेकिन अभी तक कहीं से भी कोई सफलता नजर नहीं आई। हालांकि एनएचएआई द्वारा अरबों की लागत से पिंजौर, कालका व परवाणू बाईपास भी बनवा दिया फिर भी समस्या ज्यों की त्यों है। पिंजौर शहर में तीन रास्तों से प्रवेश है जिसमें एक पंचकूला की ओर से, दूसरा नालागढ़ रोड की ओर से और तीसरा कालका की ओर से। इनमें दो ऐसे प्रवेश हैं जहां पर रेलवे फाटक पड़ते हैं। कालका और नालागढ़ रोड पर जहां से दिन में करीब एक दर्जन ट्रेनें गुजरती हैं। अति व्यस्त दोनों रोड पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। इनके बीच पांच मिनट की बाधा से भी वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और इधर दोनों फाटकों पर हर बार करीब 10 से 15 मिनट तक फाटक बंद रहता है। इस दौरान अंदाजा लगाया जा सकता है कि वाहनों की कितनी लंबी कतारें लग जाएंगी। इससे भी बड़ी समस्या उस समय हो जाती है जब फाटकों पर खड़े वाहन आगे निकलने की होड़ में दो से तीन लाइनों में खड़े हो जाते हैं।