कालका

--Advertisement--

गर्मियों में बूंद-बंूद पानी के भरोसे इनकी जिंदगी

आजादी के 70 साल बाद विकास की बदतस्वीर पंचकूला से 40 किलोमीटर दूर मोरनी के गांवों में देखने को मिलती है। पलासरा पंचायत...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:10 AM IST
गर्मियों में बूंद-बंूद पानी के भरोसे इनकी जिंदगी
आजादी के 70 साल बाद विकास की बदतस्वीर पंचकूला से 40 किलोमीटर दूर मोरनी के गांवों में देखने को मिलती है। पलासरा पंचायत के दो गांव उपरली लैद और खैरी में रहने वाले 200 लोग आज भी नदी नालों का गंदा पानी पीने रहे हैं। 40 डिग्री टेम्प्रेचर में एक छोटे से गड्‌ढे के पानी पर ये लोग निर्भर हैं। गर्मी का मौसम आते ही नदी नालों का पानी भी सूख गया है और गांव की महिलाएं पूरा दिन एक-एक बंूद के रिस-रिस कर भरने वाले नालों में बनाए गए गड्ढों में पानी का इंतजार करती रहती हैं। इससे न तो वे घर का काम ही कर पाती हैं और न ही अपने परिवार को समय दे पाती हैं, क्योंकि पानी के बिना सब सूखा है।



एसडीओ को लोगों की परेशानी के बारे में पता ही नहीं


मैं खुद अफसरों से बात करूंगी और वजह पूछूंगी: विधायक


-लतिका शर्मा, विधायक, कालका

गर्मियों में बूंद-बंूद पानी के भरोसे इनकी जिंदगी
X
गर्मियों में बूंद-बंूद पानी के भरोसे इनकी जिंदगी
गर्मियों में बूंद-बंूद पानी के भरोसे इनकी जिंदगी
Click to listen..