रामजी गेट मोहल्ला बालिका सीनियर सेकंडरी स्कूल व हनुमान पाठशाला से लेकर के.पी. ड्रेन तक शहर के बरसात और गंदे पानी के निकास के लिए पूर्व में नगरपालिका ने एक पक्के नाले का निर्माण किया था जिसको नगरपालिका कामां द्वारा कोसी चौराहे पर पुलिस उपाधीक्षक निवास और जोधपुर मिष्ठान भण्डार के बीच में मिट्टी डाल कर बंद कर दिये जाने और उस पर हो रहे दुकानों के निर्माण को लेकर कामां के समाजसेवी विजय मिश्रा के वरिष्ठ अधिवक्ता पूनमचंद भण्डारी ने राजस्थान उच्च न्यायालय की डबल बैंच में जनहित याचिका दायर की है।
जिसमें कहा गया कि यह नाला नगर पालिका ने आज से लगभग 20-25 वर्ष पहले करीब 5 फुट गहरा ओर 8 से 10 फुट चौड़ाई में शहर के बरसात और गंदे पानी के निकास के लिये पक्का नाला बनाया गया था जिसको अब वर्तमान नगरपालिका चेयरमैन और अधिशाषी अधिकारी ने सांठ-गांठ कर कुछ दुकानदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मिट्टी भरकर बंद कर दिया है। जिससे बरसात और गंदे पानी का निकास रुक गया है। संबंध में याचिका कर्ता समाज सेवी विजय मिश्रा ने मुख्य सचिव से लेकर जिला कलेक्टर तक लिखित रूप में शिकायत की थी लेकिन प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की और नाले पर निरंतर दुकानों का निर्माण कार्य जारी रहा। जिस पर राजस्थान उच्च न्यायालय की डबल बेंच के न्यायाधीश मनीष भण्डारी और डी .सी. सोमानी की खण्डपीठ ने सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता जी.एस. गिल को याचिका की प्रति देने के आदेश दिये जिस पर याचिका कर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता पूनम चन्द भण्डारी ने न्यायालय के आदेशानुसार खण्ड पीठ के समक्ष ही सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता को जनहित याचिका की प्रति दी। पालिका की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका चुप्पी साधे हुए आमजन अतिक्रमणों से परेशान हो रहा है।
कामां. अतिक्रमणकारियों द्वारा बंद किया गया नाला।