पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • कामां के कई कस्बों में अलवर से शुरू हुई बिजली सप्लाई, डीग में अभी भी परेशानी

कामां के कई कस्बों में अलवर से शुरू हुई बिजली सप्लाई, डीग में अभी भी परेशानी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अंधड़ और वर्षात से जिले में हुए नुकसान से बिजली निगम उबर नहीं पा रहा। यही कारण है कि जिले के कई कस्बे 48 घंटे बाद भी अंधेरे में डूबे हुए हैं। हालांकि भरतपुर में हालात पूरी तरह विपरीत होने के बाद अलवर से लाइन को जोड़ कर आपूर्ति शुरू की गई है। अलवर से अभी कामां कस्बे को नहीं जोड़ा जा सकता है। इससे राहत तो मिली है पर अभी भी कई कस्बे ऐसे हैं जिनमें परेशानी बरकरार है। बिजली नहीं आने से लोगों को मोबाइल चार्ज करने के साथ ही पेयजल की समस्या बनी हुई है।

कामां के 132 केवी बिजली घर की सप्लाई ठप हो जाने तथा पोल भरतपुर व कुम्हेर के मध्य टूटने से कामां क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से विद्युत सप्लाई बंद है। जिसके लिए जयपुर डिस्कॉम ने अलवर विद्युत प्रसारण विभाग से नगर, सीकरी, गोपालगढ़, पहाड़ी को बिजली सप्लाई से जोड़ दिया है। शुक्रवार को पहाड़ी से कामां 33 केवी विद्युत लाइन को जोड़ने का चल रहा है। सहायक अभियंता विजय सिंह चौधरी ने बताया की कामां - पहाड़ी के मध्य 33 केवी बिजली लाइन पिछले कई वर्षों से क्षतिग्रस्त थी। कई पोल टूटे हुए थे जिन्हें नया गाढ़ा जा रहा है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है जिससे कामां क्षेत्र में शीघ्र विद्युत सप्लाई शुरू की जा सके। पहाड़ी कस्बा क्षेत्र को तो गुरुवार को ही विद्युत सप्लाई से जोड़ दिया था। लेकिन मूल समस्या का समाधान तभी हो पाएगा।

40 घंटे बाद आई बिजली, कई क्षेत्रों में अभी भी सप्लाई बाधित
रुदावल|अंधड बिजली के तार और पोल टूटने के बाद गुल हुई बिजली करीब 40 घंटे बाद चालू हो सकी। रुदावल जीएसएस से जुड़े क्षेत्र में सत्तर से ज्यादा बिजली के पोल गिरने से कस्बा सहित 50 गांवों की बिजली व्यवस्था ठप्प हो गई। शुक्रवार दोपहर बारह बजे कस्बे की बिजली सप्लाई सुचारू कर दी गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की बिजली सुचारू नहीं हो पाई। जेईएन दुष्यन्त सिंह ने बताया कि कस्बे में बिजली चालू कर दी गई है। गांवों की पोल बदलने का कार्य भी किया जा रहा है।

21 साल पहले भी हुए थे ऐसे हालात

द्रोपती देवी ने बताया कि 21 साल पहले भी बाढ़ के समय कई दिन तक बिजली समस्या से जूझना पड़ा था और आज फिर तीन दिन हो गए लाइट नहीं है। पानी की घर में बूंद तक नहीं रही। हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। दो दिन हो गए दिन में गर्मी और मच्छरों ने सोने तक नहीं दिया।

बिजली नहीं आने पर बैट्री से चार्ज होते मोबाइल

बिजली नहीं आने से पानी के लिए भी परेशानी
मुकेश दीक्षित ने बताया कि बिजली नहीं आने से घर में पानी की बूंद नहीं है। दो दिन से नहाने को पानी तक नहीं मिला गर्मी से हाल बेहाल है। बेटी के पेपर चल रहे हैं।

टेंकर से पानी लेतीं महिलाएं।

डीग में 48 घंटे से बिजली बंद, पानी की आपूर्ति प्रभावित
डीग | डीग उपखंड में लगातार 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप्प होने व पेजयल सप्लाई लड़खड़ाने से भीषण गर्मी में बिजली व पानी की किल्लत बढ़ गई है। विभाग के अधिकारी व प्रशासन आमजन के परेशानी से बेखबर संवेदनहीन बने हुए हैं। जबकि सीमावर्ती कस्बे कुम्हेर व नगर में विद्युत सप्लाई उसी दिन से चालू है। बिजली आपूर्ति बंद होने से सभी विद्युत उपकरण बंद पड़े है। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे है। लोगों को आटा पिसवाने के स्थान पर बाजार से आटा खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता का कहना है कि अगले 3-4 दिनों में विद्युत सप्लाई सुचारू होने की संभावना है। बिजली नहीं आने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

गर्मी में बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
भूडा गेट डीग निवासी कौशल देवी ने बताया कि घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। दो दिन से गर्मी से बेहाल हैं। रो-रोकर बच्चों का बुरा हाल है। रात को सो नहीं पा रहे, दो गायें हैं जिनको पैसे से पानी खरीदकर पिला रहे हैं। पूरा दिन आंगन मे बैठकर काटना पड़ रहा है।

खबरें और भी हैं...