उत्तरी कोयल नदी पर नवनिर्मित झारखंड के सबसे लंबे उच्चस्तरीय सड़क पुल के भविष्य पर उद्घाटन से पहले ही सवालिया निशान लग गया है।
इस संबंध में स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए जिला के उपायुक्त को त्राहिमाम संदेश दिया है। डीसी ने डीएमओ के माध्यम से कांडी थाना प्रभारी को छह दिन पहले ही तत्काल प्रभाव से पंसा से सूंडीपुर कोयल नदी में निर्मित अस्थाई पथ से बालू की ढुलाई बंद करने का निर्देश दिया था। बावजूद पुल के निकट से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक बालू निकाले जा रहे है।
गढ़वा जिला अंतर्गत कांडी थाना के सूंडीपुर से पलामू जिला के मोहम्मद गंज थानांतर्गत पंसा तक कोयल नदी में अस्थाई पथ का निर्माण करके बालू की बड़े पैमाने पर ढुलाई की जा रही है। इस दौरान 40 टन से अधिक लोड लेकर ट्रक उच्चस्तरीय सड़क पुल के निकट से धड़ल्ले से अाना जाना कर रहा है। पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने इस संबंध में पत्र लिखकर पुल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका प्रगट की है। इधर सूंडीपुर के ग्रामीणों ने पुल के निकट से ही पोकलेन मशीन द्वारा बालू लोड किए जाने को लेकर पुल के डैमेज होने की आशंका प्रगट करते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों का मानना है कि ऐसा ही चलता रहा तो कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। गढ़वा जिला खनन पदाधिकारी विजय ओझा ने डीएमओ के पत्रांक के अनुसार डीसी के हवाले से कांडी थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस रास्ते से सैकड़ों की संख्या में निकल रहे बालू ओवरलोड ट्रकों पर रोक लगाए जाने की बात कही है।
पुल के निकट से बालू निकाले जाने को कार्यपालक अभियंता और ग्रामीणों ने खतरनाक बताया
उपायुक्त के निर्देश पर रोक लगाए जाने के बावजूद पुल के निकट से प्रतिदिन निकले जा रहे है सैकड़ों ट्रक बालू
बालू लदा ट्रक।